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3 पांच दिनों तक देश-दुनिया के कारोबारियों, निवेशकों, खरीदारों और उद्यमियों की मौजूदगी से गुलजार रहा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 भले ही संपन्न हो गया हो, लेकिन आयोजन के जरिए बने कारोबारी संपर्क और निवेश की संभावनाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए आगे नए अवसर खोल सकती हैं। 25 से 29 सितंबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपीआईटीएस-2026 में 5.99 लाख से अधिक लोगों की मौजूदगी रही। इस दौरान 41,500 से ज्यादा बी2बी बैठकें हुईं और करीब 4,400 एमओयू हुए। इनसे लगभग 6,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और 15,500 करोड़ रुपये के संभावित कारोबार की संभावनाएं सामने आईं।

ट्रेड शो में एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) से लेकर स्टार्टअप, एमएसएमई, निर्यातक इकाइयों, युवा उद्यमियों और बड़े औद्योगिक समूहों ने एक ही मंच पर अपने उत्पाद और क्षमताएं प्रदर्शित कीं। प्रदेश के विभिन्न जिलों की पहचान वाले हस्तशिल्प, हथकरघा, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित उत्पादों के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, तकनीक और स्टार्टअप से जुड़े उत्पादों ने भी विदेशी खरीदारों और निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस पार्टनर देशों के रूप में आयोजन से जुड़े, जिससे उत्तर प्रदेश के कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद का अवसर मिला।

यूपीआईटीएस-2026 में कारोबार के साथ उत्तर प्रदेश की संस्कृति, खानपान, लोककला और हस्तशिल्प को भी वैश्विक मंच मिला। ओडीओसी के जरिए प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को पेश किया गया, जबकि सीएम युवा एक्सपो और कौशल विकास से जुड़े पवेलियनों में युवा उद्यमिता और नवाचार की झलक दिखाई दी। इन्वेस्ट यूपी पवेलियन में निवेशकों और विदेशी प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। 36 विदेशी प्रदर्शकों और 100 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी से आयोजन का अंतरराष्ट्रीय दायरा भी बढ़ा। इस तरह यूपीआईटीएस-2026 ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार, उद्यमियों को खरीदारों और निवेशकों को नए कारोबारी अवसरों से जोड़ने के लिए एक बड़ा मंच तैयार किया है।

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