जयपुर, सितम्बर 2026। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि 'नागरिक देवो भव' का संकल्प प्रदेश की हर नीति और कल्याणकारी योजना के मूल में है...

जयपुर, सितम्बर 2026। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि 'नागरिक देवो भव' का संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर नीति और कल्याणकारी योजना के मूल में है। इसी दृष्टिकोण से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने प्रदेश के विकास का रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत पानी, बिजली, उद्योग, रोजगार, सड़क सहित सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे

मुख्यमंत्री ने बाडमेर के बाछड़ाऊ में जोधपुर संभाग के बाडमेर, बालोतरा, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, पाली, फलोदी और सिरोही जिलों के लिए 2824 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 1000 से अधिक विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इनमें 2045 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 763 कार्यों का शिलान्यास किया गया, जबकि 778 करोड़ रुपये की लागत के 250 विकास कार्यों का लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया गया।

मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं-

मुख्यमंत्री ने बाड़मेर जिले में कम वर्षा के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए किसानों, पशुपालकों एवं आमजन को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने घोषणा की कि पिछली गर्मियों के दौरान की गई आपातकालीन पेयजल व्यवस्था और टैंकरों के माध्यम से जल परिवहन 31 दिसंबर तक निर्बाध रूप से जारी रहेगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि कम वर्षा वाले क्षेत्रों में आवश्यक आपातकालीन कार्यों में तेजी लाने के लिए जिला कलेक्टर के माध्यम से 1 करोड़ रुपये तक की लागत के कार्यों को मंजूरी दी जा सकती है। इसके अलावा, चारे की कमी से जूझ रहे बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में चारा डिपो स्थापित किए जाएंगे, साथ ही उनके सुचारू संचालन की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिकता से कार्य कर रही है। राम जल सेतु लिंक परियोजना में तेजी लाई जा रही है। करीब 1 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट में अब तक 41,000 करोड़ रुपये के वर्क ऑर्डर जारी किये जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि यमुना जल परियोजना, नर्मदा परियोजना और किशाऊ परियोजना राज्य की आबादी के एक बड़े हिस्से के लिए स्थायी पेयजल सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। वहीं, राजस्थान अब बिजली खरीदने वाले राज्य से बिजली आपूर्ति करने वाला राज्य बनने की ओर अग्रसर है

उन्होंने कहा कि किसानों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत दी जाने वाली वार्षिक सहायता 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दी गई है. अब तक 76 लाख से ज्यादा किसानों को 14,400 करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर किए जा चुके हैं. इसके अलावा, राज्य सरकार ने किसानों को बिजली बिलों पर 61,583 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की है

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कार्य कर रही है। अब तक 18 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं और स्वयं सहायता समूहों की 25,000 महिलाएं सोलर दीदी बन चुकी हैं। इसके अलावा, 57,000 से अधिक स्वयं सहायता समूहों को 928 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 3.82 लाख मकान पूरे हो चुके हैं, जबकि 4.53 लाख मकानों का निर्माण कार्य प्रगति पर है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार न केवल कार्यों का शिलान्यास करती है, बल्कि निर्धारित समय पर उनका उद्घाटन भी सुनिश्चित करती है। इसी क्रम में जोधपुर संभाग में बिजली क्षेत्र में 405 करोड़ रुपये के 63 कार्य, चिकित्सा क्षेत्र में 197 करोड़ रुपये के 10 कार्य, 125 करोड़ रुपये के 87 सड़क संबंधी कार्य, पाली में 21 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय नर्सिंग कॉलेज भवन और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये से अधिक के 62 कार्य पूर्ण कर जनता को समर्पित किये गये हैं. इसके अलावा, कृषि, पशुपालन, सहकारिता, शिक्षा, छात्रावास, सरकारी कार्यालय, सभागार और बस स्टैंड सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यों का भी उद्घाटन किया गया।

मुख्यमंत्री ने सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 958 करोड़ रुपये की लागत के 587 कार्यों का शिलान्यास किया; ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं फ्लोराइड मुक्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 739 करोड़ रुपये के कार्य; विद्युत आपूर्ति सुदृढ़ीकरण हेतु 208 करोड़ रूपये लागत के 32 कार्य; ग्राम विकास के लिए 50 करोड़ रुपये के 46 कार्य; स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 42 करोड़ रुपये के 29 कार्य; और स्कूली शिक्षा के लिए 33 करोड़ रुपये के 42 कार्य। कृषि, पशुपालन, आयुर्वेद और तकनीकी शिक्षा समेत कई अन्य क्षेत्रों से जुड़े कार्यों का भी शिलान्यास किया गया