मिठाइयाँ और नमकीन बनाने से लेकर उनकी बिक्री तक सख्त खाद्य सुरक्षा मानक लागू होंगे

खोया (मावा) की गुणवत्ता, खाद्य रंगों का उपयोग, पुराने तेल और पैकेजिंग का निरीक्षण किया जाएगा
खुली मिठाइयों पर "तारीख के अनुसार उपयोग करें" प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया
मिलावट, प्रतिबंधित रंगों और अवधिपार खाद्य पदार्थों के पुनर्विक्रय के विरुद्ध कार्रवाई
लाइसेंस, खरीद बिल और गुणवत्ता जांच रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी
लखनऊ, अक्टूबर 2026: मिठाइयों और नमकीन के निर्माण, पैकेजिंग, भंडारण और बिक्री में खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए, खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (एफएसडीए), उत्तर प्रदेश ने विस्तृत दिशानिर्देश तैयार किए हैं। इनके तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को विनिर्माण इकाइयों, मिठाई की दुकानों और नमकीन बनाने वाले प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, कच्चे माल की गुणवत्ता, खाद्य रंगों का उपयोग, तेल की गुणवत्ता, तापमान नियंत्रण, पैकेजिंग और लाइसेंसिंग से संबंधित नियमों की जांच पर विशेष ध्यान देना होगा।
यूपीएफएसडीए आयुक्त डॉ रोशन जैकब ने कहा कि इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण भोजन प्रदान करना और मिलावट, प्रतिबंधित रसायनों और भ्रामक लेबलिंग जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाना है। खाद्य व्यवसाय संचालकों को भी उत्पादन से लेकर बिक्री तक अपना रिकॉर्ड व्यवस्थित रखना होगा और खाद्य सुरक्षा शिकायतों के समाधान के लिए एक प्रणाली सुनिश्चित करनी होगी
साफ-सफाई और साफ पानी पर जोर
मिठाई एवं नमकीन बनाने वाले प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई एवं स्वच्छ वातावरण का विशेष ध्यान रखना होगा। क्षेत्रों को पर्याप्त रूप से हवादार होना चाहिए। परिसर को मक्खियों, चूहों और अन्य कीटों से मुक्त रखा जाना चाहिए। दीवार और फर्श की सतहों को साफ करना आसान होना चाहिए। खाना पकाने के बर्तनों को नियमित रूप से साफ करना चाहिए। सुरक्षित पेयजल का उपयोग बर्तन धोने और खाद्य पदार्थ तैयार करने के लिए किया जाना चाहिए। खाद्य अपशिष्ट और प्रयुक्त तेल के सुरक्षित संग्रह और निपटान के लिए एक प्रणाली भी आवश्यक होगी
कच्चे माल और भंडारण की गुणवत्ता की जांच की जाएगी
स्रोत: Maverick News30
