महाराजा लाखन पासी की जयंती के अवसर पर लखीमपुर खीरी में लाखन आर्मी ने सामाजिक एकता, ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। मोहम…
महाराजा लाखन पासी की जयंती के अवसर पर लखीमपुर खीरी में लाखन आर्मी ने सामाजिक एकता, ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण और अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बरैचा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए लाखन आर्मी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने समाज से अपनी ऐतिहासिक पहचान को समझने और अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की मजबूती उसकी एकता, शिक्षा और अपने इतिहास के प्रति जागरूकता में निहित होती है। समाज को अपने महापुरुषों की विरासत को पहचानने के साथ ही उसके सम्मान और संरक्षण के लिए आगे आना होगा।
जनसभा में सूरज पासी ने महाराजा कंसा पासी के ऐतिहासिक किले और उनके आराध्य भगवान शिव के मंदिर के संरक्षण एवं सुरक्षा की मांग को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि लाखन आर्मी का जनजागरण अभियान केवल सामाजिक जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक धरोहरों को उनका उचित सम्मान दिलाने की दिशा में भी प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहरें समाज की पहचान और गौरव का प्रतीक हैं। इनका संरक्षण करना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सकें।
सूरज पासी ने समाज की भागीदारी और नेतृत्व को लेकर भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को केवल दूसरों के कार्यक्रमों में झंडा-बैनर लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने अधिकारों, सम्मान और समस्याओं को लेकर स्वयं आगे आना चाहिए। उन्होंने सामाजिक एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि जब तक समाज अपने मुद्दों को लेकर जागरूक और संगठित नहीं होगा, तब तक उसकी आवाज प्रभावी ढंग से सामने नहीं आ सकेगी। उन्होंने लाखन आर्मी के ट्रेनिंग सेंटर का जिक्र करते हुए बताया कि इसका उद्देश्य युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक करना और उनमें आत्मसम्मान तथा नेतृत्व की भावना विकसित करना है।महाराजा लाखन पासी और महाराजा कंसा पासी सहित समाज के महापुरुषों का उल्लेख करते हुए सूरज पासी ने कहा कि अपनी ऐतिहासिक विरासत से अनजान समाज अपनी पहचान को मजबूत नहीं कर सकता। उन्होंने लोगों से अपने इतिहास को पढ़ने, समझने और बच्चों को उससे परिचित कराने की अपील की। इस दौरान उन्होंने लखनऊ के ऐतिहासिक स्थलों का भी जिक्र किया और कहा कि समाज को अपनी धरोहरों के महत्व को समझते हुए उनके संरक्षण की मांग मजबूती से उठानी चाहिए। उन्होंने लखीमपुर खीरी में महापुरुषों के नाम पर पार्क, सड़क, मोहल्ले और अन्य सार्वजनिक स्थलों की पहचान से जुड़े सवाल भी उठाए।
जनसभा में सामाजिक सुधार को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। सूरज पासी ने ‘हर घर झंडा अभियान’ और ‘हर गांव नशामुक्त अभियान’ को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति शिक्षा, जागरूकता और नशामुक्ति से ही संभव है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश दिया। साथ ही अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षित और जागरूक युवा ही समाज को नई दिशा दे सकते हैं और अपने अधिकारों के प्रति प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।सूरज पासी ने कहा कि समाज के महापुरुषों का सम्मान केवल जयंती मनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके विचारों, संघर्षों और ऐतिहासिक योगदान को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है। उन्होंने समाज से आपसी मतभेद भुलाकर शिक्षा, सामाजिक सुधार और विरासत के संरक्षण जैसे मुद्दों पर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी पहचान और अधिकारों के प्रति सजग रहते हुए सकारात्मक बदलाव के लिए निरंतर प्रयास करना होगा।महाराजा लाखन पासी की जयंती पर आयोजित इस जनसभा के माध्यम से लाखन आर्मी ने अपनी सामाजिक सक्रियता और जनजागरण अभियान को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में जहां महाराजा कंसा पासी के ऐतिहासिक किले और भगवान शिव के मंदिर के संरक्षण की मांग प्रमुखता से उठी, वहीं शिक्षा, नशामुक्ति, सामाजिक स्वाभिमान और एकजुटता को समाज की प्रगति का आधार बताया गया। सूरज पासी ने स्पष्ट संदेश दिया कि समाज को अपनी विरासत पर गर्व करने के साथ उसके सम्मान और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए खुद आगे आना होगा।






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