शारदीय नवरात्र की महानवमी पर गोरखपुर का प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर एक बार फिर सनातन परंपरा और मातृशक्ति के सम्मान का साक्षी बनेगा। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदे…

शारदीय नवरात्र की महानवमी पर गोरखपुर का प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर एक बार फिर सनातन परंपरा और मातृशक्ति के सम्मान का साक्षी बनेगा। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को कन्या पूजन कर मातृशक्ति का वंदन करेंगे। इस दौरान सीएम योगी कन्याओं के पांव पखारेंगे, विधि-विधान से उनका पूजन करेंगे और भोजन कराकर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। वहीं, मंगलवार को विजयादशमी के अवसर पर गोरक्षपीठ में दिनभर विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में भव्य पारंपरिक शोभायात्रा निकाली जाएगी।गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र के दौरान शक्ति उपासना की विशेष परंपरा रही है। इसी परंपरा के तहत सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मां दुर्गा के नौवें स्वरूप देवी सिद्धिदात्री की आराधना करेंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे कन्या पूजन का अनुष्ठान शुरू होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मां दुर्गा का स्वरूप मानी जाने वाली कुंवारी कन्याओं के पांव पखारेंगे और उनके माथे पर रोली, चंदन, दही तथा अक्षत का तिलक लगाकर विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे।पूजन के बाद कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया जाएगा। मुख्यमंत्री उन्हें दक्षिणा और उपहार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। इस दौरान गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार बटुक पूजन भी किया जाएगा। गोरखनाथ मंदिर में होने वाला यह विशेष अनुष्ठान सनातन संस्कृति में नारी शक्ति के प्रति सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है।

महानवमी के अगले दिन मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजयादशमी का पर्व गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9:35 बजे गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ द्वारा शिवावतार गुरु गोरखनाथ के विशिष्ट पूजन से होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री मंदिर परिसर में स्थापित सभी देवी-देवताओं के विग्रहों की पूजा-अर्चना करेंगे। दोपहर एक बजे से तीन बजे तक गोरक्षपीठाधीश्वर का पारंपरिक तिलकोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। गोरक्षपीठ में विजयादशमी पर तिलकोत्सव की परंपरा का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है।विजयादशमी के अवसर पर शाम चार बजे गोरखनाथ मंदिर से गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। गुरु गोरखनाथ का आशीर्वाद लेने के बाद मुख्यमंत्री पारंपरिक रथ पर सवार होकर शोभायात्रा का नेतृत्व करेंगे। तुरही, नगाड़ों और बैंड-बाजों की धुन के बीच निकलने वाली यह शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी।

यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान शिव और अन्य देवी-देवताओं की विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं अभिषेक करेंगे। इसके बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान के लिए रवाना होगी।मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विजयादशमी के पारंपरिक आयोजन में शामिल होंगे। यहां वह भगवान श्रीराम का राजतिलक करेंगे। इसके साथ ही प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमानजी का पूजन कर आरती उतारेंगे। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद शोभायात्रा वापस गोरखनाथ मंदिर पहुंचेगी। गोरक्षपीठ में विजयादशमी की यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसमें धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलती है।विजयादशमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में शाम सात बजे से पारंपरिक प्रसाद वितरण और सामूहिक भोज का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान गरीबों, ब्राह्मणों और अतिथियों को भोजन कराया जाएगा। आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होंगे। इस सामूहिक भोज की खास बात यह है कि इसमें जाति, धर्म और आर्थिक स्थिति के भेदभाव से ऊपर उठकर सभी वर्गों के लोग एक साथ भोजन करते हैं। गोरक्षपीठ की यह परंपरा सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का संदेश देती है। गौरतलब है कि शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में विधि-विधान से कलश स्थापना की थी। रविवार से वह दोबारा मंदिर में प्रवास कर रहे हैं। अब महानवमी पर कन्या पूजन और विजयादशमी पर भव्य शोभायात्रा के साथ गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र के विशेष धार्मिक आयोजन संपन्न होंगे।