मध्य प्रदेश में ₹63,296 करोड़ की अनुमानित लागत पर पांच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर प्रस्तावित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सड़कें विकास की जीवन रेखा हैं। मध्य प्रदेश का कोई भी गाँव, नगर या शहर बेहतर सड़क सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए। हर गांव और शहर को बारहमासी सड़कों से जोड़ना राज्य सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि राज्य राजमार्गों, चार-लेन, छह-लेन और आठ-लेन सड़कों के साथ-साथ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के माध्यम से राज्य भर में एक आधुनिक सड़क नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इससे पूरे मध्य प्रदेश में कनेक्टिविटी और मजबूत होगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में आयोजित मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) के निदेशक मंडल की 49वीं बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को चल रही सड़क निर्माण परियोजनाओं में तेजी लाने और उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर में एक व्यापक सड़क नेटवर्क विकसित किया जाना चाहिए और लोक निर्माण विभाग, शहरी प्रशासन, ग्रामीण विकास, उद्योग और मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के साथ समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को सड़क निर्माण में तेजी लाने, प्रमुख जिला सड़कों पर काम करने और एक साथ सभी उपलब्ध संभावनाओं का पता लगाने का भी निर्देश दिया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निगम के प्रस्तावित हाईवे फंड का नाम भी बदल दिया। इसे अब 'विकसित मध्य प्रदेश संकल्प पथ' के नाम से जाना जाएगा। बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह भी उपस्थित थे
उन्नत योजना चरण में पांच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
बैठक में बताया गया कि राज्य भर में 63,296 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 1,398 किमी की कुल लंबाई वाले पांच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी चल रही है। ये पक्के कंधों वाले चार-लेन, पहुंच-नियंत्रित ग्रीनफील्ड गलियारे होंगे। प्रस्तावित गलियारे हैं
भोपाल-मंदसौर: 258 किमी
सागर-सतना: 227 किमी
जबलपुर-आशापुर: 358 किमी
भोपाल-ग्वालियर: 320 किमी
स्रोत: Maverick News30
