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मध्य प्रदेश के 1300 कोटवार करेंगे प्रदर्शन, कम मानदेय को लेकर 31 अक्टूबर को भोपाल में आंदोलन

🕐 30 Oct 2026, 11:00 am• 2 min padho • Chugal Khor News
मध्य प्रदेश के 1300 कोटवार करेंगे प्रदर्शन, कम मानदेय को लेकर 31 अक्टूबर को भोपाल में आंदोलन

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में कम मानदेय, आर्थिक तंगी और लंबित मांगों को लेकर कोटवारों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। दरसअल, जिले के करीब 1300 कोटवार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 22 अक्टूबर से तहसील कार्यालयों में धरना दे रहे कोटवारों ने बुधवार को कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने शासन से अपनी समस्याओं का जल्द निराकरण करने की मांग की है

मिली जानकारी के मुताबिक, कोटवार संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्हें मिलने वाला मानदेय परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। ऐसे में महंगाई के इस दौर में कम राशि में घर का खर्च चलाना बहुत मुश्किल हो गया है। कोटवारों को इसी मानदेय से पेट्रोल, भोजन और परिवार की अन्य जरूरी आवश्यकताओं का खर्च उठाना पड़ता है

वहीं, कोटवारों का कहना है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का लगातार निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भी उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। लंबे समय से मांगें लंबित रहने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है

जानकारी के लिए बता दें आंदोलन कर रहे कोटवारों ने शासन की ओर से दी गई भूमि का आधिकारिक अधिकार अब तक नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया है। जिसमें उनका कहना है कि भूमि से संबंधित अधिकारों को लेकर स्पष्ट और ठोस कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे उन्हें राहत मिल सके। इसके अलावा कोटवारों ने अतिरिक्त शासकीय ड्यूटी के दौरान मानदेय और भोजन की उचित व्यवस्था करने की मांग की है। साथ हि,उनका कहना है कि सरकारी कार्यों में जिम्मेदारियां निभाने के दौरान जरूरी सुविधाएं मिलना भी आवश्यक है

दरसअल, जिला स्तर पर आंदोलन के बाद अब कोटवार अपनी मांगों को प्रदेश स्तर पर उठाने की तैयारी कर रहे हैं। कोटवार संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, 31 अक्टूबर को प्रदेशभर के कोटवार भोपाल में एकत्रित होकर प्रदर्शन करेंगे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करेंगे

ऐसे में फिलहाल कोटवारों की प्रमुख मांगों में मानदेय से जुड़ी समस्याओं का समाधान, भूमि के अधिकार और अतिरिक्त शासकीय ड्यूटी के दौरान उचित सुविधाएं शामिल हैं। अब सभी की नजरें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं। देखना होगा कि प्रदेश सरकार कोटवारों की मांगों पर कब तक सुनवाई करती है और उन्हें आर्थिक राहत देने के लिए क्या निर्णय लिया जाता है

स्रोत: RNI News

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