भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित भोजपाल गरबा महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव…

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित भोजपाल गरबा महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया और भजन गायन के माध्यम से कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया। गरबा की आकर्षक प्रस्तुतियों और श्रद्धालुओं के उत्साह के बीच आयोजन में भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्या पूजन और देवी आराधना का विशेष स्थान है। नारी को शक्ति का स्वरूप बताते हुए उन्होंने कहा कि शक्ति की उपासना समाज के कल्याण और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने महिलाओं के सम्मान और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास और आधुनिकता के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों को सुरक्षित रखना भी आवश्यक है। जिस समाज को अपनी परंपराओं और विरासत पर गर्व होता है, वह आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के साथ मध्य प्रदेश के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है

नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से सामाजिक सद्भाव बनाए रखने, महिलाओं का सम्मान करने और गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गरबा केवल नृत्य और मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देवी शक्ति की आराधना और सामूहिक उल्लास के माध्यम से शांति एवं सकारात्मकता का संदेश देता है

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का उल्लेख किया। उन्होंने कामना की कि वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत विकास के सभी प्रमुख क्षेत्रों में अग्रणी स्थान हासिल करे

भोजपाल महोत्सव मेला समिति की ओर से पिछले तीन वर्षों से लगातार गरबा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस बार भी जंबूरी मैदान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। पारंपरिक गरबा प्रस्तुतियों और देवी आराधना ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया। भोजपाल गरबा महोत्सव ने नवरात्रि के अवसर पर धार्मिक आस्था, नारी सम्मान, सामाजिक एकता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया