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बालाघाट से नक्सलवाद के बाद नई विकास यात्रा शुरू : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

🕐 06 Nov 2026, 01:40 pm• 2 min padho • Chugal Khor News
बालाघाट से नक्सलवाद के बाद नई विकास यात्रा शुरू : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समाज के हर वर्ग और समुदाय को सुरक्षा के साथ विकास का लाभ मिलना चाहिए। यह सुनिश्चित करना कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बालाघाट जिला अब नक्सलवाद के साये से निकलकर विकास, शिक्षा, रोजगार और स्वावलंबन की नई इबारत लिख रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर बालाघाट जिले के 100 गांवों को विकास की मुख्य धारा में लाने के प्रयास चल रहे हैं। मिशन आदि सेवा के तहत इन गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए 330 करोड़ रुपये के 800 से अधिक विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। यह पहल इन क्षेत्रों में आजीविका और रोजगार के नए अवसर पैदा करते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और पोषण तक पहुंच बढ़ाने पर केंद्रित है

बालाघाट कलेक्टर श्री आदित्य सिंह के नेतृत्व में व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इस पहल के तहत, अधिकारियों ने अब तक लगभग 70 गांवों का दौरा किया है और निवासियों के साथ सीधे बातचीत की है। बच्चों और युवाओं को डिजिटल शिक्षा और सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए हर गांव में एक डिजिटल लाइब्रेरी और एक सामुदायिक बैठक मंच स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है।

क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों और आदिवासी संस्कृति को आजीविका के अवसरों से जोड़ने के लिए पर्यटन सर्किट और होमस्टे विकसित किए जाएंगे। बैहर विकास खंड के लगमा गांव में एक बैगा हाट भी स्थापित किया गया है, जो विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) बैगा द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के लिए एक बाजार प्रदान करता है।

एक ई-मार्केट प्लेटफॉर्म बांस शिल्प, शहद, जैविक उत्पाद, वन उपज और स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए सामानों को व्यापक बाजारों से जोड़ेगा। महत्वपूर्ण बैगा आबादी वाले दूरदराज के गांवों तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने के लिए एक बैगा आरोग्य एवं पोषण एक्सप्रेस की भी योजना बनाई गई है

युवाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए एक समर्पित पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जबकि विकास कार्यों की निगरानी के लिए एक ऑनलाइन डैशबोर्ड स्थापित किया जाएगा। इन पहलों से नक्सलवाद के प्रभाव से उभरे गांवों में विकास, आत्मनिर्भरता और आर्थिक समृद्धि के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

स्रोत: Maverick News30

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