लखनऊ। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आकाश आ…
लखनऊ। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आकाश आनंद की राजनीतिक सक्रियता, सूझबूझ और परिपक्वता की सराहना करते हुए उनके आगामी जनसभा कार्यक्रमों की घोषणा की है। इसके साथ ही मायावती ने अशोक सिद्धार्थ की बसपा में वापसी को लेकर चल रही अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अशोक सिद्धार्थ को किसी भी परिस्थिति में दोबारा पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। वहीं, मायावती ने ईशान आनंद को भी पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका देने की जानकारी दी है।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि आकाश आनंद अपने रिश्तेदार अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद अब बसपा के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में काफी सूझबूझ और परिपक्वता का परिचय दे रहे हैं। वह परिवार और रिश्ते-नातों से ऊपर पार्टी तथा बहुजन मूवमेंट को प्राथमिकता देते हुए अपनी जिम्मेदारियों को पूरी मेहनत और तेजी के साथ निभा रहे हैं। मायावती ने कहा कि बहुजन समाज के लोगों को भी आकाश आनंद से काफी अपेक्षाएं हैं।मायावती ने आकाश आनंद के आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि वह 28 अक्टूबर 2026 को बुलंदशहर में बसपा की जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद 2 नवंबर को सहारनपुर, 20 नवंबर को अयोध्या, 22 नवंबर को आगरा और 29 नवंबर को कानपुर नगर में आयोजित पार्टी की जनसभाओं में शामिल होंगे।
इन कार्यक्रमों के जरिए आकाश आनंद पार्टी कार्यकर्ताओं और बहुजन समाज के लोगों के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाएंगे।इसके अलावा 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर पंजाब में बसपा द्वारा आयोजित विचार संगोष्ठी समारोह में आकाश आनंद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर अपने विचार रखेंगे। वहीं, 6 दिसंबर 2026 को संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित विचार संगोष्ठी एवं जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
मायावती ने आकाश आनंद की बढ़ती सक्रियता का जिक्र करते हुए कहा कि इससे एक बार फिर साबित होता है कि पिछले दिनों पार्टी में हुए अप्रिय घटनाक्रमों के लिए आकाश आनंद से ज्यादा उनके रिश्तेदार अशोक सिद्धार्थ जिम्मेदार थे। इसी कारण अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर करने के साथ राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी गई थी।उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगाह करते हुए कहा कि कुछ स्वार्थी तत्व अब भी तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों से पार्टी के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सावधान रहने की जरूरत है। मायावती ने आह्वान किया कि आकाश आनंद को सौंपे गए सभी राजनीतिक कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ता पूरे तन, मन और धन से जुटें।अशोक सिद्धार्थ की संभावित वापसी को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी मायावती ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की अफवाहों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। अशोक सिद्धार्थ को किसी भी स्थिति और किसी भी कीमत पर दोबारा बसपा में वापस नहीं लिया जाएगा।
मायावती ने अपने बयान में आनंद कुमार के छोटे बेटे ईशान आनंद को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि लंदन से वकालत की पढ़ाई पूरी कर चुके ईशान आनंद अब उनके दिशा-निर्देशन में बसपा के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में काम करेंगे। वह दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में विशेष रूप से चुनाव संबंधी कार्यों, दस्तावेजी प्रक्रिया और अन्य संगठनात्मक कामकाज में सहयोग करेंगे।ईशान आनंद की इस नई भूमिका को बसपा के संगठनात्मक कामकाज में युवा पीढ़ी की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।मायावती के इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि बसपा नेतृत्व आकाश आनंद को संगठन में सक्रिय भूमिका देने और उनके जरिए पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को गति देने पर जोर दे रहा है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ पंजाब और उत्तराखंड में प्रस्तावित कार्यक्रमों से आकाश आनंद की राजनीतिक सक्रियता और बढ़ने की उम्मीद है।वहीं, अशोक सिद्धार्थ की वापसी की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज करके मायावती ने पार्टी के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। ईशान आनंद को संगठनात्मक कार्यों से जोड़ने की घोषणा भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






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