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बच्चों की सुरक्षा के लिए सिखाएं ये 5 सेफ्टी रूल्स, किडनैपिंग से बचाने में आएंगे काम, जानें जानकारी

🕐 31 Oct 2026, 03:40 pm• 2 min padho • Chugal Khor News
बच्चों की सुरक्षा के लिए सिखाएं ये 5 सेफ्टी रूल्स, किडनैपिंग से बचाने में आएंगे काम, जानें जानकारी

Kids Safety Rules: बच्चों की सुरक्षा हर माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में बच्चे जब स्कूल जाने लगते हैं या घर के बाहर पार्क, मॉल और सोसाइटी में खेलने जाते हैं, तो उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ जाती है। जिससे कई बार अनजान लोगों की बातों में आकर बच्चे खतरे में पड़ सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि माता-पिता बच्चों को पढ़ाई और अच्छे संस्कारों के साथ सुरक्षित रहने के तरीके भी सिखाएं। जिसमें कुछ आसान सावधानियां बच्चों को अनजान लोगों के जाल में फंसने से बचाने में मदद कर सकती हैं। आइए यहां जानें बच्चों की सुरक्षा को लेकर रूल्स

बच्चों को जरूर सिखाएं ये 5 सेफ्टी रूल्स

माता-पिता को हर हफ्ते बच्चे की एक नई फोटो जरूर लेनी चाहिए। जिससे बच्चों की उम्र बढ़ने के साथ उनका चेहरा, हाइट और शारीरिक बनावट बदलती रहती है। फोटो में उनके कपड़े और शरीर पर मौजूद किसी खास निशान की जानकारी भी मिल सकती है। अगर कभी बच्चा लापता हो जाए तो हाल की फोटो पुलिस को उसकी पहचान करने में मदद कर सकती है

बच्चों को समझाएं कि कोई अनजान व्यक्ति चॉकलेट, खिलौने या घूमने का लालच देकर अपने साथ बुलाए तो उसके साथ बिल्कुल न जाएं। ऐसे में अगर कोई पालतू जानवर खोजने या सामान उठाने में मदद मांगे, तब भी सावधान रहें। बच्चों को बताएं कि बिना माता-पिता की अनुमति के किसी के साथ जाना सुरक्षित नहीं है

मॉल, रेलवे स्टेशन या किसी सार्वजनिक स्थान पर छोटे बच्चों को अकेले बाथरूम न भेजें। माता-पिता या किसी भरोसेमंद अभिभावक को उनके साथ रहना चाहिए। इससे अनजान लोगों से होने वाले संभावित खतरे को कम किया जा सकता है

बच्चों को बताएं कि अगर कोई जबरदस्ती अपने साथ ले जाने की कोशिश करे तो जोर से चिल्लाएं- ‘ये मेरे मम्मी-पापा नहीं हैं, मुझे बचाओ।’ इससे आसपास मौजूद लोगों का ध्यान तुरंत आकर्षित हो सकता है और मदद मिलने की संभावना बढ़ती है

मेला, मॉल, सिनेमा हॉल या किसी भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से पहले बच्चों को बाहर निकलने का रास्ता दिखाएं। साथ ही बताएं कि अगर वे माता-पिता से बिछड़ जाएं तो किसी सुरक्षित और तय जगह पर रुकें। पुलिसकर्मी, सुरक्षा गार्ड या बच्चों के साथ मौजूद किसी भरोसेमंद परिवार से मदद मांगें

बच्चों को केवल नियम बताना काफी नहीं है, बल्कि समय-समय पर उनका अभ्यास भी कराना भी जरूरी है। उन्हें माता-पिता का फोन नंबर, घर का पता और आपात स्थिति में किससे मदद मांगनी है, यह जरूर याद कराएं। बच्चों को यह भरोसा भी दें कि किसी परेशानी में वे बिना डरे आपसे बात कर सकते हैं

याद रखें, बच्चों को डराना नहीं, बल्कि जागरूक और आत्मविश्वासी बनाना जरूरी है। माता-पिता की थोड़ी सी सतर्कता और बच्चों की सही समझ उनकी सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है

स्रोत: RNI News

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