पंजाब PCS मेन्स रिजल्ट पर बवाल, एक कमरे से 45% अभ्यर्थी पास होने का दावा; मान सरकार पर उठे सवाल

पंजाब। पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) की PCS मेन्स परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित होने के बाद राज्य में सियासी घमासान शुरू हो गया है। परीक्षा के नतीजों को लेकर अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। मामला तब और गर्मा गया, जब कुछ परीक्षा केंद्रों के एक ही कमरे से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के इंटरव्यू के लिए चयनित होने के आंकड़े सामने आए। शिरोमणि अकाली दल ने भी इस मुद्दे पर भगवंत मान सरकार को घेरते हुए भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। आरोपों के मुताबिक, एक परीक्षा कक्ष में बैठे 24 अभ्यर्थियों में से 11 को अगले चरण के लिए चुना गया है। वहीं, कुछ ऐसे उम्मीदवारों के रोल नंबर भी परिणाम में शामिल होने का दावा किया गया है, जो कथित तौर पर परीक्षा में अनुपस्थित थे। हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है
PCS मेन्स का परिणाम सामने आने के बाद अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्रों और कमरों के हिसाब से चयनित उम्मीदवारों के आंकड़ों का विश्लेषण किया। इसमें सेंटर-7 के कमरा नंबर-8 से 24 में से 11 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट होने का दावा किया गया। यह आंकड़ा करीब 45.8 प्रतिशत है। इसी तरह सेंटर-11 के कमरा नंबर-14 और सेंटर-4 के कमरा नंबर-19 से भी 24 में से 10-10 उम्मीदवारों के चयनित होने की बात कही गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इतने कम समय में एक ही कमरे से इतनी बड़ी संख्या में चयन होना जांच का विषय है। इसके अलावा कुछ लगातार क्रम वाले रोल नंबरों के उम्मीदवारों के चयन पर भी सवाल उठाए गए हैं। अभ्यर्थियों ने पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है
विवाद का एक अन्य पहलू उन उम्मीदवारों के रोल नंबरों से जुड़ा है, जिन्हें अभ्यर्थियों ने परीक्षा में अनुपस्थित बताया है। आरोप है कि ऐसे कुछ रोल नंबर भी चयनित उम्मीदवारों की सूची में शामिल हैं। यदि यह दावा सही पाया जाता है तो परीक्षा की उपस्थिति और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया की गंभीर जांच जरूरी होगी। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि परीक्षा केंद्रों के उपस्थिति रिकॉर्ड, रोल नंबर आवंटन और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की जांच कराई जाए
PCS मेन्स परिणाम को लेकर शिरोमणि अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने भगवंत मान सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा परिणाम में सामने आई कथित विसंगतियों पर सरकार और आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पार्टी ने एक ही कमरे से 10 से 11 उम्मीदवारों के चयन, लगातार रोल नंबरों के सफल होने और कथित तौर पर अनुपस्थित अभ्यर्थियों के चयन जैसे मुद्दों पर जवाब मांगा है
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इस भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पंजाब लोक सेवा आयोग ने 331 विज्ञापित पदों के मुकाबले 751 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए अस्थायी रूप से शॉर्टलिस्ट किया है। अभ्यर्थियों का दावा है कि नियमों के अनुसार रिक्त पदों की संख्या से तीन गुना उम्मीदवारों को अगले चरण के लिए बुलाया जाना चाहिए था। ऐसे में शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की संख्या और निर्धारित चयन मानकों को लेकर आयोग से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है
चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले अभ्यर्थियों ने मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, पंजाब के मुख्यमंत्री और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को शिकायत भेजने की बात सामने आई है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे न्याय के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करेंगे। उनकी मांग है कि चयन प्रक्रिया से जुड़े सभी रिकॉर्ड की जांच हो और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए
पंजाब PCS मेन्स रिजल्ट को लेकर उठे सवालों ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता पर नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल एक कमरे से अधिक चयन और अनुपस्थित अभ्यर्थियों के रोल नंबर शामिल होने जैसे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों की जांच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण है। अब देखना होगा कि पंजाब सरकार और PPSC इन आरोपों पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं और अभ्यर्थियों की शिकायतों की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं
स्रोत: RNI News
