पंजाब में ETT शिक्षकों का प्रदर्शन, समान वेतनमान और सेवा लाभ की मांग
पंजाब में सरकारी स्कूलों के ETT शिक्षकों का वेतनमान और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर पहले पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया था। अगस्त में हुए प्रदर्शन में 180 से अधिक शिक्षक और उनके परिवार के सदस्य शामिल हुए थे।
प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि उन्हें समान अवधि में भर्ती हुए अन्य शिक्षकों के बराबर वेतनमान और सेवा लाभ नहीं मिल रहे हैं। ETT शिक्षकों का दावा है कि उन्हें केंद्रीय 7वें वेतन आयोग के अनुरूप वेतनमान के तहत रखा गया है, जबकि उसी भर्ती प्रक्रिया के अन्य शिक्षकों को पंजाब सरकार के वेतनमान का लाभ मिल रहा है। इसी अंतर को दूर करने की मांग की जा रही है।
शिक्षकों की मांगों में 2016 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े पुराने विवाद का समाधान भी शामिल है। प्रदर्शनकारी शिक्षकों के अनुसार, भर्ती में कथित अनियमितताओं के चलते उन्हें बाद में बर्खास्त किया गया था और अदालत के आदेश के बाद उनकी बहाली हुई। शिक्षक इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी करते रहे हैं।
शिक्षकों ने सरकार से वेतनमान, नियमितीकरण, सेवा लाभ और भर्ती से जुड़े लंबित मामलों पर ठोस निर्णय लेने की मांग की है। वहीं, सितंबर में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक कर उनकी मांगों पर चर्चा की थी। सरकार की ओर से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने और शिक्षा क्षेत्र की मांगों पर विचार करने की बात कही गई थी।
पंजाब में शिक्षकों का यह आंदोलन वेतनमान, भर्ती, नियमितीकरण और सेवा सुविधाओं से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों को सामने ला रहा है। अब शिक्षकों और सरकार के बीच बातचीत के जरिए इन मांगों पर क्या समाधान निकलता है, इस पर नजर रहेगी।




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