पंजाब में AAP को तीसरा बड़ा झटका, अमृतसर नॉर्थ के विधायक कुंवर विजय प्रताप ने दिया इस्तीफा, यहां पढ़ें खरब

Punjab News: पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बता दें पार्टी को महज दो दिनों के भीतर तीसरा बड़ा झटका लगा है। समाना और सनौर के बाद अब अमृतसर नॉर्थ से विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। जिसमें उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता के साथ विधायक पद से भी इस्तीफा देने का फैसला किया है। दरसअल लगातार तीन विधायकों के पार्टी छोड़ने से पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है
पूर्व आईपीएस अधिकारी और अमृतसर नॉर्थ के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा स्पीकर को अपना इस्तीफा भेज दिया है। जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी है। जिसमें बताया जा रहा है कि कुंवर विजय प्रताप लंबे समय से पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली से नाराज चल रहे थे
जून 2025 में उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में आम आदमी पार्टी से पांच साल के लिए निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद से ही उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरी बढ़ती जा रही थी। ऐसे में अब उनके इस्तीफे के बाद भाजपा में शामिल होने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। हालांकि, उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है
आम आदमी पार्टी (AAP) को इससे पहले समाना और सनौर विधानसभा क्षेत्रों में भी झटका लगा था। समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इन दोनों विधायकों के इस्तीफे के बाद अब कुंवर विजय प्रताप के पार्टी छोड़ने से सियासी समीकरण बदलने की चर्चा शुरू हो गई है
दरअसल, 31 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके बाद लगातार विधायकों के इस्तीफे सामने आए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि टिकट और संगठन में जिम्मेदारियों को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है
चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा भी पार्टी नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे थे। जौड़ामाजरा समाना में हलका इंचार्ज बदले जाने से नाराज थे, जबकि पठानमाजरा ने अपने खिलाफ दर्ज मामले को राजनीतिक साजिश बताया था। वहीं, अब तीनों विधायकों के भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं हैं। ऐसे में 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के सामने अपने संगठन और राजनीतिक स्थिति को संभालने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है
स्रोत: RNI News
