गोरखपुर । शक्ति की आराधना, कन्याओं का पूजन और नारी सम्मान का संकल्प शारदीय नवरात्रि की नवमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर से प्रदेशवासियों को…
गोरखपुर । शक्ति की आराधना, कन्याओं का पूजन और नारी सम्मान का संकल्प शारदीय नवरात्रि की नवमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर से प्रदेशवासियों को आस्था, महिला सुरक्षा, सशक्तीकरण और सामाजिक एकता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने मां भगवती की आराधना और कन्या पूजन की सनातन परंपरा का महत्व बताया, तो मिशन शक्ति, महिला पुलिसकर्मियों, बीसी सखियों और बेटियों के लिए संचालित सरकारी योजनाओं का भी जिक्र किया। वहीं, विजयादशमी से पहले सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से तीन महत्वपूर्ण अपीलें करते हुए नशे, भ्रष्टाचार, अराजकता और आतंकवाद के खिलाफ संकल्प लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों को उत्साह के साथ मनाएं, लेकिन सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखें
शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि पर गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुमारी कन्याओं का पूजन किया और उन्हें भोजन कराया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म में कन्या पूजन की परंपरा और मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा तथा सम्मान के महत्व को रेखांकित किया। कन्या पूजन के दौरान एक छोटी बच्ची ने अपने हाथों से बनाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पेंटिंग भी उन्हें भेंट की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि है। जगत जननी मां भगवती का नवम स्वरूप सभी प्रकार की सिद्धियां प्रदान करने वाला है। इस अवसर पर प्रत्येक सनातन धर्मावलंबी अपनी परंपरा और पर्व के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए मातृशक्ति के प्रति सम्मान प्रकट करता है और कुमारी कन्याओं के पूजन के कार्यक्रम से जुड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें गोरखनाथ मंदिर की पावन परंपरा के अंतर्गत शारदीय नवरात्रि की नवमी पर कुमारी कन्याओं का पूजन करने और उन्हें भंडारे के साथ भोजन कराने का अवसर प्राप्त हुआ। सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म की यह परंपरा मातृशक्ति के प्रति सर्वोच्च सम्मान व्यक्त करती है। वर्ष में दो बार वासंतिक नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के अवसर पर जगत जननी मां भगवती के अनुष्ठान के साथ मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट किया जाता है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि के दौरान प्रदेश के विभिन्न देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मां भगवती के अनुष्ठान से जुड़ते हैं। जगह-जगह दुर्गा पूजा के पंडाल स्थापित किए जाते हैं, लोग अपने घरों में कलश स्थापना करते हैं और नवमी तिथि पर कुमारी कन्याओं का पूजन करते हैं। मुख्यमंत्री ने मां विंध्यवासिनी धाम का उल्लेख करते हुए कहा कि नया कॉरिडोर बनने के बाद वहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दिन भी 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन किए थे और नवमी के दिन भी ब्रह्ममुहूर्त से ही भारी भीड़ लगी हुई थी। सीएम योगी ने अनुमान जताया कि नवमी के दिन भी मां विंध्यवासिनी धाम में 20 से 25 लाख श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। मुख्यमंत्री ने देवीपाटन शक्तिपीठ का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। सहारनपुर स्थित मां शाकंभरी पीठ में हजारों श्रद्धालु मां भगवती के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं। वहीं, सीतापुर स्थित ललिता देवी शक्तिपीठ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर दर्शन-पूजन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान का पर्व नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा, आस्था और मातृशक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर भी है
कन्या पूजन के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी सुरक्षा, सम्मान और गरिमा को भारतीय सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा ने सदैव नारी की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इसी भावना के साथ उत्तर प्रदेश में लगभग 45 हजार स्थानों पर दुर्गा पूजा के पंडाल स्थापित किए गए हैं। नवरात्रि की प्रतिपदा से नवमी तक हजारों की संख्या में श्रद्धालु इन आयोजनों से जुड़े और श्रद्धा-भाव के साथ अपनी आस्था व्यक्त की। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के देवी मंदिरों में भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिले और दर्शन-पूजन के दौरान उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुरक्षित आवागमन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी मजबूती से व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की नवमी पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए मां भगवती से सभी के व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जगत जननी मां भगवती के प्रति किए जाने वाले अनुष्ठान केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मातृशक्ति के प्रति सम्मान की भावना को व्यावहारिक जीवन और शासन-प्रशासन की व्यवस्था में भी उतारना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और नारी स्वावलंबन की थीम पर आधारित इस अभियान को सरकार पूरी मजबूती से आगे बढ़ा रही है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं की गई हैं और 1090 वुमेन पावर लाइन जैसी हेल्पलाइन के माध्यम से महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने कहा कि थानों में महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए अलग कक्षों की व्यवस्था की गई है। इन कक्षों में महिला पुलिस अधिकारी महिलाओं की समस्याएं सुनती हैं और उनके समाधान के लिए कार्रवाई करती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय नारी आज हर क्षेत्र में प्रगति के नए शिखर छू रही है। महिलाओं को व्यवस्था का हिस्सा बनाकर उन्हें सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं
महिला सशक्तीकरण की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेटियों के जन्म, शिक्षा, प्रशिक्षण और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के लिए उचित माहौल तैयार करना और उनकी शिक्षा-प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से संचालित बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से बेटियों के सुरक्षित जन्म और उनके भविष्य को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से लेकर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य नारी की गरिमा, सुरक्षा और स्वावलंबन को आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए राज्य सरकार की ओर से 25 हजार रुपये का पैकेज उपलब्ध कराया जाता है। अलग-अलग चरणों में सहायता राशि दी जाती है, जिससे बेटियों की शिक्षा और भविष्य को सहारा मिल सके तथा उनके जीवन में आर्थिक कठिनाइयां बाधा न बनें। सीएम योगी ने कहा कि बेटी के विवाह योग्य होने पर प्रदेश सरकार की ओर से एक लाख रुपये की सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से पांच लाख से अधिक कन्याओं के विवाह संपन्न कराए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बेटियों को जन्म से लेकर शिक्षा और विवाह तक आवश्यक सहयोग मिले और वे सम्मान के साथ जीवन में आगे बढ़ सकें
महिलाओं की सुरक्षा और सरकारी सेवाओं में उनकी भागीदारी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश पुलिस में महिला कर्मियों की बढ़ती संख्या का आंकड़ा सामने रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि वर्ष 2017 तक प्रदेश में मात्र 10 हजार महिला पुलिसकर्मी अपनी सेवाएं दे रही थीं, जबकि अब प्रदेश में लगभग 45 हजार महिला पुलिसकर्मी सुरक्षा का बेहतर माहौल बनाने में योगदान दे रही हैं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बैंकिंग सेवाओं में महिलाओं की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 54 हजार बीसी सखियां अलग-अलग ग्राम पंचायतों में सेवाएं प्रदान कर रही हैं और गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचा रही हैं। सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से आगे बढ़ रहे ड्रोन दीदी और लक्ष्मी दीदी जैसे कार्यक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस समाज में जगत जननी मां भगवती और सनातन परंपरा की उपासना होती है, वहां नारी की गरिमा के विपरीत आचरण के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। इसी सोच के साथ सरकार ने नारी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मिशन शक्ति अभियान को आगे बढ़ाया है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की नवमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्रि हो या वासंतिक नवरात्रि, नवमी तिथि पर बड़ी संख्या में बच्चे और श्रद्धालु कन्या पूजन तथा भोजन के कार्यक्रमों से जुड़ते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवमी तिथि पर मां भगवती का स्वरूप सिद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है। यह अवसर श्रद्धा, भक्ति और मातृशक्ति के सम्मान को व्यक्त करने का महत्वपूर्ण पर्व है। सीएम योगी ने मां भगवती से प्रदेशवासियों के व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की तथा सभी के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की
शारदीय नवरात्रि के बाद मनाए जाने वाले विजयादशमी पर्व को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की विजय का उत्सव है। यह अधर्म, असत्य और अन्याय के प्रतीक रावण पर न्याय, धर्म और सत्य की विजय का पर्व है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में विजयादशमी के आयोजनों को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। रामलीलाओं और रावण दहन के कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। साथ ही, भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए यातायात प्रबंधन पर भी ध्यान दिया गया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर रामलीलाओं का आयोजन हो रहा है। इन आयोजनों में प्रतीक स्वरूप रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी आयोजनों में सुरक्षा सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोग उत्साह और उमंग के साथ त्योहार मना सकें
विजयादशमी से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से तीन महत्वपूर्ण अपीलें कीं। उन्होंने पर्व और त्योहारों को केवल उत्सव तक सीमित न रखते हुए उनके सामाजिक और नैतिक संदेश को जीवन में उतारने का आह्वान किया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विजयादशमी के आयोजन उत्साहपूर्ण तरीके से होने चाहिए, लेकिन उत्साह के माहौल में सुरक्षा की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। सभी लोगों को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि त्योहार के दौरान किसी की सुरक्षा प्रभावित न हो
सीएम योगी ने कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें अपने भीतर मौजूद विकारों से मुक्त होने का संदेश देता है। ऐसे विकार जो व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन, पारिवारिक जीवन, सामाजिक जीवन और आध्यात्मिक जीवन को प्रभावित करते हैं या राष्ट्र की प्रगति में बाधक बनते हैं, उन्हें त्यागने का संकल्प लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार विजयादशमी पर रावण के पुतलों का दहन किया जाता है, उसी प्रकार समाज में मौजूद बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प भी लेना चाहिए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि समाज में नशे के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए और अराजकता तथा आतंकवाद के लिए भी कोई स्थान नहीं होना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने की आवश्यकता है, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव आए और लोग अपने दायित्वों के प्रति जागरूक हों
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सामाजिक एकता और राष्ट्र की मजबूती पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज को तोड़ने वाले ऐसे तत्व, जो सामाजिक एकता को भंग करके राष्ट्र को कमजोर करने का प्रयास करते हैं, उनके खिलाफ समाज को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अराजक और उच्छृंखल तत्वों को बेनकाब करने का संदेश भी पर्व और त्योहार हमें देते हैं। विजयादशमी का पर्व केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह समाज में सद्भाव, एकता और अनुशासन बनाए रखने की प्रेरणा भी देता है। सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सामाजिक सद्भाव को मजबूत करें, समाज को बांटने वाली प्रवृत्तियों से सतर्क रहें और राष्ट्र की एकता को कमजोर करने वाले प्रयासों के प्रति जागरूक रहें
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के लोग सौहार्दपूर्ण माहौल में उत्साह और उमंग के साथ पर्व और त्योहार मनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी के अवसर पर एक बार फिर पूरे प्रदेशवासियों को हृदय से बधाई और मंगलमय शुभकामनाएं दीं। सीएम योगी ने मां भगवती से प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन से शुरू हुआ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश नारी सम्मान, महिला सुरक्षा, सरकारी योजनाओं, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र की एकता तक पहुंचा। मुख्यमंत्री ने जहां मिशन शक्ति और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख किया, वहीं विजयादशमी के अवसर पर सुरक्षा, अनुशासन और समाज की बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने की अपील की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश स्पष्ट है केि नारी का सम्मान, समाज में सद्भाव, बुराइयों के खिलाफ संकल्प और राष्ट्र की एकता सर्वोपरि है




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