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धनतेरस 2026 पर कौन-सा बर्तन खरीदना शुभ होगा, जानें पीतल, तांबे और चांदी का महत्व

🕐 04 Nov 2026, 04:40 pm• 3 min padho • Chugal Khor News
धनतेरस 2026 पर कौन-सा बर्तन खरीदना शुभ होगा, जानें पीतल, तांबे और चांदी का महत्व

Dhanteras 2026: दिवाली का त्योहार आने से पहले धनतेरस का पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। बता दें इस दिन सोना-चांदी (Gold-Silver) खरीदने के साथ नए बर्तन खरीदने की भी पुरानी परंपरा है। जिसमें धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस पर नई धातु की वस्तु घर लाने से सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। यही वजह है कि बाजारों में इस दिन बर्तनों की खरीदारी बढ़ जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धनतेरस पर पीतल, तांबे और चांदी में से किस धातु का बर्तन खरीदना ज्यादा शुभ माना जाता है। ऐसे में आइए यहां जानते हैं पूरी जानकारी

जानकारी के लिए बता दें साल 2026 में धनतेरस का त्योहार शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाया जाएगा। यह पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने का खास महत्व है। धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दीपावली पर्व की शुरुआत होती है

धनतेरस का त्योहार हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। जिसमें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है। इसलिए धनतेरस को स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है

धनतेरस पर पीतल के बर्तन खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। पारंपरिक मान्यताओं में पीतल को सुख-समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना गया है। बता दें इस दिन पीतल का लोटा, थाली, कटोरी या कलश खरीदकर घर लाना अच्छा माना जाता है। पूजा-पाठ में भी पीतल के बर्तनों का इस्तेमाल किया जाता है। मान्यता है कि इससे घर में खुशहाली और अन्न-धन की बरकत बनी रहती है

हिंदू धर्म में तांबे का विशेष धार्मिक महत्व है। पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में तांबे के लोटे और कलश का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे तांबे के पात्र को पवित्रता से जोड़कर देखा जाता है। धनतेरस पर तांबे का गिलास, लोटा या कलश खरीदना शुभ माना जाता है। यह धार्मिक उपयोग के साथ रोजमर्रा के कामों में भी उपयोगी होता है

चांदी को धन, वैभव और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। धनतेरस पर चांदी के सिक्के, कटोरी और छोटे बर्तन खरीदने की परंपरा है। कई परिवार चांदी का सिक्का खरीदकर दिवाली के दिन माता लक्ष्मी की पूजा में रखते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चांदी की वस्तु घर में लाना शुभता और समृद्धि की कामना का प्रतीक है

अब अगर आप पूजा के लिए बर्तन खरीदना चाहते हैं तो पीतल या तांबे का कलश अच्छा ऑप्शन हो सकता है। वहीं, बजट के अनुसार चांदी का सिक्का या छोटी कटोरी भी खरीद सकते हैं। तीनों धातुओं का अपना अलग महत्व है

भगवान धन्वंतरि से जुड़ी है बर्तन खरीदने की परंपरा

पौराणिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। जिसमें उन्हें आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है। इसी वजह से धनतेरस पर नए बर्तन खरीदने की परंपरा को विशेष महत्व दिया जाता है

क्या धनतेरस पर महंगी चीज खरीदना जरूरी है

धनतेरस पर सोना या चांदी खरीदना जरूरी नहीं है। ऐसे में आप अपनी जरूरत और बजट के अनुसार पीतल, तांबे, स्टील का बर्तन या कोई उपयोगी घरेलू सामान खरीद सकते हैं। इस त्योहार का असली उद्देश्य शुभ शुरुआत करना और घर में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करना है। धनतेरस की खरीदारी के लिए निष्कर्ष जोड़ेंतीनों धातुओं की तुलना तालिका में दिखाएं

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स्रोत: RNI News

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