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दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम को हाईकोर्ट से राहत, सात-सात साल की सजा निलंबित -

🕐 29 Oct 2026, 03:50 pm• 2 min padho • Chugal Khor News
दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम को हाईकोर्ट से राहत, सात-सात साल की सजा निलंबित -

Azam Khan and Abdullah Azam Get Relief from Allahabad High Court in Two PAN Cards Case.

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने दोनों की जमानत अर्जियां मंजूर करते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सात-सात साल की सजा को निलंबित कर दिया है। हालांकि, हाईकोर्ट ने दोनों की दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया है।

इस फैसले के बाद दोनों की सजा का क्रियान्वयन फिलहाल निलंबित रहेगा, लेकिन ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने का फैसला बरकरार रहेगा।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम को जमानत देने के साथ उनकी सात-सात साल की सजा निलंबित करने का आदेश दिया। हालांकि, दोषसिद्धि पर रोक लगाने की उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई।

कानूनी तौर पर सजा का निलंबन और दोषसिद्धि पर रोक अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। इस मामले में अदालत ने सजा निलंबित की है, लेकिन दोषसिद्धि को बरकरार रखा है। इसलिए दोनों की कानूनी लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है।

दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में ट्रायल कोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ दोनों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी।

अपील के साथ उन्होंने सजा निलंबित करने, जमानत देने और दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने इन मांगों पर सुनवाई के बाद जमानत और सजा निलंबन की अर्जी स्वीकार कर ली, जबकि दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 15 अक्टूबर को सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने फैसला सुनाते हुए आजम खान और अब्दुल्ला आजम की जमानत अर्जियां मंजूर कर ली हैं।

हाईकोर्ट के आदेश से आजम खान और अब्दुल्ला आजम को सजा के मामले में राहत मिली है। हालांकि, दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगने के कारण उनके खिलाफ ट्रायल कोर्ट का दोषी ठहराने वाला फैसला फिलहाल प्रभावी रहेगा।

अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अपील के अंतिम परिणाम पर नजर रहेगी।

स्रोत: Filmitics

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