दिल्ली सरकार ने लगभग 5 लाख झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों को स्थायी घर उपलब्ध कराने के लिए नई पुनर्वास नीति अधिसूचित की

'जहाँ झुग्गी, वहाँ मकान' योजना गति पकड़ेगी, लगभग 20 लाख लोगों को लाभ होगा: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
1 जनवरी, 2025 से पहले स्थापित झुग्गी बस्तियों को नई नीति के तहत कवर किया जाएगा, पात्र परिवारों को स्थायी घर मिलेंगे: सीएम
नई पुनर्वास नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के अंत्योदय और गरीबों के कल्याण के दृष्टिकोण से प्रेरित है: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
नई दिल्ली, नवंबर 2026: दिवाली के शुभ अवसर पर, रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने राजधानी के लाखों वंचित परिवारों में आशा और बेहतर भविष्य लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने दिल्ली स्लम और झुग्गी झोपड़ी पुनर्वास और पुनर्वास नीति, 2026 को अधिसूचित किया है, जिसका उद्देश्य दिल्ली भर में झुग्गी बस्तियों में रहने वाले पात्र परिवारों को स्थायी और सुरक्षित घर प्रदान करना है। इस पहल से लगभग 4 से 5 लाख परिवारों को लाभ होने की उम्मीद है, जिसमें लगभग 20 लाख लोग शामिल होंगे, जो लंबे समय से बेहतर आवास और गरिमापूर्ण जीवन की आकांक्षा रखते हैं।
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल झुग्गियों को हटाना या बस्तियों का पुनर्विकास करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि पात्र परिवारों को स्थायी घर मिलें जहां वे अधिक स्थिरता और बेहतर भविष्य के साथ अपने बच्चों के साथ सुरक्षित और शांति से रह सकें। नई नीति की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक यह है कि यह 1 जनवरी, 2025 से पहले स्थापित झुग्गी बस्तियों में रहने वाले पात्र परिवारों को पुनर्वास लाभ प्रदान करती है। इससे कई परिवारों को नए पुनर्वास ढांचे से लाभ उठाने का अवसर मिलेगा जो पहले की योजनाओं से बाहर रह गए थे। आवास प्रदान करने के साथ-साथ यह नीति झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों की गरिमा, उनकी मौजूदा आजीविका और उनके सामाजिक जीवन को भी ध्यान में रखती है
'जहां झुग्गी, वहां मकान' को प्राथमिकता
नई नीति के तहत, पात्र झुग्गीवासियों को वैकल्पिक आवास प्रदान किया जाएगा, जिसमें यथास्थान पुनर्वास को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का प्रयास मौजूदा स्लम बस्ती स्थल पर या तीन किलोमीटर के दायरे में स्थायी घर उपलब्ध कराना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नया घर लेने के बाद परिवारों को अपने कार्यस्थलों, बच्चों के स्कूलों और रोजमर्रा की जरूरतों से दूर न जाना पड़े। यह नीति 'जहां झुग्गी, वहां मकान' की प्रतिबद्धता को वास्तविकता में बदलने का प्रयास करती है
स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं और खेल के मैदान
यह नीति पात्र परिवारों के लिए एक-बेडरूम, हॉल और रसोई (1-बीएचके) आवास इकाइयों का प्रावधान करती है। पुनर्वास कार्यक्रम के तहत विकसित आवासीय परिसर केवल आवास तक सीमित नहीं रहेंगे। उनके पास स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं और बच्चों के लिए खेल के मैदान सहित आवश्यक सामाजिक बुनियादी ढांचा भी होगा। इन सुविधाओं को संबंधित क्षेत्रों के लिए लागू योजना प्रावधानों के अनुसार विकसित किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवारों को न केवल बेहतर आवास मिलेगा बल्कि उनके बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण भी मिलेगा।
स्रोत: Maverick News30
