दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी के डिनर से सपा ने बनाई दूरी सूत्रों की माने तो समाजवादी पार्टी को राहुल ने न…

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी के डिनर से सपा ने बनाई दूरी सूत्रों की माने तो समाजवादी पार्टी को राहुल ने नहीं दिया निमंत्रण दिल्ली में आज के प्रदर्शन से भी अखिलेश ने बनाई दूरी बीजेपी ने उठाए सवाल भाजपा का तंज सपा कांग्रेस में सब कुछ

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान एक बड़ी सियासी तस्वीर निकलकर सामने आई 6 अक्टूबर को दिल्ली में इंडिया ब्लॉक का बड़ा प्रदर्शन था मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की स्थिति की मांग करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव और राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई बड़े नेता एक साथ नजर आए इस प्रदर्शन के बाद डिनर का भी आयोजन किया गया था जिसमें सूत्र बताते हैं कि समाजवादी पार्टी को निमंत्रण नहीं भेजा गया था यही वजह रही कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी का कोई भी संसद इस डिनर में नजर नहीं आया l

इसको लेकर बीजेपी समाजवादी पार्टी पर हमलावर है भारतीय जनता पार्टी ने कहा इंडिया गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं भाजपा ने दोनों दलों के बीच अनुशासन और टीम भावना के साथ समन्वय को लेकर सवाल खड़े किए भाजपा ने कहा चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए दो राजकुमार एक दूसरे को बर्दाश्त तक नहीं कर सकते हैं बीजेपी ने 7 अक्टूबर को डिनर में अखिलेश यादव को ना बुलाने पर सवाल खड़ा किया वहीं आज भी कांग्रेस के द्वारा आयोजित लंच में सपा प्रमुख अखिलेश यादव नहीं पहुंचे दोनों दलों के बीच यूपी में जिस तरह से बयान बाजी हो रही है उसके बाद अब डिनर और लंच कार्यक्रम से अखिलेश यादव की बढ़ती दूरियों ने सियासत में नए सवालों को जन्म दे दिया है

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार (7 अक्टूबर) को इंडिया गठबंधन के सांसदों को लंच पर बुलाया था. सपा के सूत्रों ने दावा किया कि उन्हें इसका न्यौता नहीं मिला. वहीं कांग्रेस ने कहा कि सभी विपक्षी सांसदों को बुलाया गया था. अब इसको लेकर सपा चीफ अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया आई है.

बता दें कि दिल्ली के जनपथ पर सागर रत्ना नाम के रेस्टोरेंट में विपक्षी सांसद लंच के लिए इकट्ठा हुए. इस लंच में ममता बनर्जी की टीएमसी, आरजेडी, CPM, JMM और निर्दलीय राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल शामिल हुए. सपा का कोई नेता इस लंच में नहीं पहुंचा.

मीडिया से सवालों का जवाब देते हुए सपा चीफ ने कहा, “लंच डिप्लोमेसी…कोई एक लंच थोड़ी होगा. आने वाले समय में आपको सुनने को मिले कि डिनर डिप्लोमेसी होगी. चाय पर बुलाया जा सकता है. हम सब लोग बैठकर हो सकता है कि समोसा खा रहे हों. फिर कोई समोसे वाला नारा लग जाए. उसमें कोई खराब बात थोड़ी है. डिप्लोमेसी चलती रहेगी इसी तरह.”

राहुल गांधी के लंच में अखिलेश यादव को न्योता नहीं मिलने को लेकर बीजेपी ने सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी MLC सुभाष यदुवंश ने तंज कसते हुए कहा कि दोनों दलों के नेताओं के बीच न अनुशासन है, न टीम भावना और न ही समन्वय। बीजेपी ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को ‘चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए दो राजकुमार’ बताते हुए कहा कि दोनों एक-दूसरे को बर्दाश्त तक नहीं कर सकते। बीजेपी का आरोप है कि अगर कांग्रेस की हैसियत 10 सीटों की भी नहीं है, तो शायद इसी वजह से अखिलेश को लंच में नहीं बुलाया गया। बीजेपी ने सपा पर हमला बोलते हुए यूपी को गुंडों का अड्डा बनाने का आरोप भी लगाया। बीजेपी का कहना है कि ऐसे नेता संविधान और व्यवस्था पर भरोसा नहीं करते और अगर इन्हें सत्ता मिली तो परिवार और पार्टी के भीतर ही घमासान मचेगा। पार्टी ने दावा किया कि 2027 में जनता ऐसे नेताओं को सत्ता सौंपने का जोखिम नहीं उठाएगी।

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