जोश टीमों के माध्यम से टीबी जागरूकता का संदेश हर घर और समुदाय तक पहुंचाने पर जोर
जयपुर, अक्टूबर 2026 : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए न केवल सरकारी प्रयासों की बल्कि समाज और युवाओं की सक्रिय भागीदारी की भी आवश्यकता है। युवाओं में ऊर्जा, उत्साह और समुदायों तक पहुंचने की क्षमता होती है। जोश (स्वास्थ्य के लिए संयुक्त दल) टीमों के माध्यम से युवाओं को टीबी के खिलाफ जागरूकता और जनभागीदारी अभियान में शामिल किया जा रहा है
उन्होंने कहा कि जोश टीमें टीबी के लक्षणों, रोकथाम, समय पर परीक्षण और उपचार पूरा करने के बारे में समुदायों तक जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, साथ ही बीमारी से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करने और भेदभाव को खत्म करने में भी मदद करेंगी।
श्री नड्डा ने ये टिप्पणी गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में जोश टीमों के राष्ट्रीय लॉन्च के दौरान की। कार्यक्रम में केंद्रीय युवा मामले और खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। पहले चरण में, जोश टीमों को 11 राज्यों के 55 जिलों में लॉन्च किया जा रहा है
राष्ट्रीय कार्यक्रम के साथ-साथ राजस्थान में जोश टीमों से संबंधित गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ की अध्यक्षता में स्वास्थ्य भवन, जयपुर से राष्ट्रीय कार्यक्रम में अधिकारियों एवं चिकित्सकों ने वर्चुअली भाग लिया।
जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए ब्लॉक-स्तरीय टीमें
भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रत्येक ब्लॉक-स्तरीय जोश टीम में पांच एमवाई भारत स्वयंसेवक और पांच एनसीसी कैडेट शामिल हैं। टीम का नेतृत्व एक नामित क्लास-1 अधिकारी द्वारा किया जाएगा। ये युवा स्वयंसेवक लोगों को टीबी के लक्षणों, परीक्षण और उपचार के बारे में जानकारी देंगे और उन्हें समय पर निदान और उपचार लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। वे टीबी से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करने और भेदभाव को दूर करने में भी मदद करेंगे
जोश टीमों ने राजस्थान के सात जिलों में पायलट आधार पर शुरुआत की
पहले चरण में, जोश टीमों को राजस्थान के अलवर, बारां, बांसवाड़ा, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और राजसमंद जिलों में पायलट आधार पर लॉन्च किया गया था। प्रदेश के अन्य जिलों में भी जिला स्तरीय शुभारंभ एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किये गये। इन कार्यक्रमों में माय भारत के स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेटों और अन्य प्रतिभागियों ने भारत को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया।






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