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जहरीली शराब से मौतों पर जीतू पटवारी ने अमित शाह को लिखा पत्र, केंद्र से हस्तक्षेप की मांग

🕐 27 Oct 2026, 02:50 pm• 2 min padho • Chugal Khor News
जहरीली शराब से मौतों पर जीतू पटवारी ने अमित शाह को लिखा पत्र, केंद्र से हस्तक्षेप की मांग

भोपाल। मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से लगातार हो रही मौतों के मामलों को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। उन्होंने राज्य में जहरीली शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने और बढ़ती मौतों के मामलों में केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। पटवारी ने भाजपा सरकार की आबकारी नीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे डबल इंजन सरकार की विफलता बताया

जीतू पटवारी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से होने वाली मौतों के बावजूद सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग घटनाओं के बाद स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की कोशिश होती है, लेकिन व्यापक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की जाती। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे

पत्र में पटवारी ने सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए शराब माफिया के कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क की भूमिका पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अवैध शराब का कारोबार केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे आपूर्ति, परिवहन और वितरण से जुड़े संगठित नेटवर्क की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस, आबकारी विभाग और संबंधित राज्यों की एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ऐसे नेटवर्क को ध्वस्त करने की आवश्यकता बताई

केंद्रीय गृह मंत्री को लिखे पत्र में जीतू पटवारी ने पांच प्रमुख मांगें उठाई हैं

1. स्वतंत्र जांच: मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जरूरत के अनुसार स्वतंत्र जांच एजेंसी की मदद ली जाए। 2. शराब माफिया पर कार्रवाई: अंतरराज्यीय शराब माफिया के नेटवर्क को खत्म करने के लिए संबंधित राज्यों की एजेंसियां समन्वित कार्रवाई करें। 3. प्रशासनिक जवाबदेही: सागर सहित अन्य मामलों में प्रशासनिक लापरवाही और निगरानी में हुई चूक की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। 4. आबकारी व्यवस्था की समीक्षा: प्रदेश की आबकारी व्यवस्था का स्वतंत्र मूल्यांकन कर अवैध शराब की आपूर्ति और बिक्री पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। 5. पीड़ित परिवारों को सहायता: मृतकों के परिजनों को नियमानुसार सहायता दी जाए और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई हो

पटवारी ने पत्र में कहा कि जहरीली शराब से होने वाली मौतें केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं हैं, बल्कि शासन और प्रशासन की जवाबदेही से भी जुड़ी हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य में लोगों की जान की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और शराब माफिया के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि सरकार केवल बयान देने तक सीमित न रहे, बल्कि मौतों को रोकने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए

स्रोत: RNI News

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