मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन में पूर्वदशम (कक्षा 9-10) और दशमोत्तर कक्षाओं के 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में 148 करोड़ रुपये से…

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन में पूर्वदशम (कक्षा 9-10) और दशमोत्तर कक्षाओं के 4.60 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में 148 करोड़ रुपये से ज्यादा की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि हस्तांतरित की। छात्रवृत्ति की राशि मिलने के बाद विद्यार्थियों ने कहा कि आर्थिक मदद से परिवार पर पढ़ाई का बोझ कम होगा और किताबों, फीस व अन्य शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिलेगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 11 विद्यार्थियों को अपने हाथों छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र भी सौंपे। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के हाथों प्रमाण पत्र प्राप्त करने को अपने लिए गौरव और यादगार पल बताया।गोसाईंगंज के छात्र सत्यम ने कहा कि छात्रवृत्ति मिलने से परिवार को पढ़ाई के खर्च में राहत मिलेगी। वह इस राशि का इस्तेमाल किताबों और जरूरी शैक्षणिक सामग्री खरीदने में करेंगे। सुरियामऊ के विवेक कनौजिया ने बताया कि छात्रवृत्ति से फीस और किताबों का खर्च पूरा करने में मदद मिलेगी, जिससे आगे की पढ़ाई के लिए उनका उत्साह बढ़ा है। रकीबखेड़ा के अमन कुमार ने कहा कि वह छात्रवृत्ति की राशि से नई किताबें खरीदकर अपनी पढ़ाई बेहतर तरीके से जारी रखेंगे। गोसाईंगंज के मयंक रावत ने भी कहा कि छात्रवृत्ति से शिक्षा से जुड़ी जरूरी जरूरतों को पूरा करने में परिवार को मदद मिलेगी।

छात्रवृत्ति ने विद्यार्थियों के भविष्य के सपनों को भी सहारा दिया है। इटौंजा की साक्षी ने कहा कि आर्थिक सहायता मिलने से आगे की पढ़ाई के लिए उनका हौसला बढ़ा है। डॉक्टर बनने का लक्ष्य रखने वाले सत्येंद्र रावत ने कहा कि छात्रवृत्ति से परिवार को पढ़ाई का खर्च संभालने में मदद मिलेगी और वह अपने लक्ष्य की तैयारी पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे। पुलिस सेवा में जाने का सपना देख रहे एक छात्र ने कहा कि छात्रवृत्ति से परिवार पर आर्थिक दबाव कम होगा और उन्हें अपने भविष्य की तैयारी के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी।

इटौंजा की आकांक्षा गौतम ने कहा कि छात्रवृत्ति से किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने में मदद मिलेगी। इससे परिवार पर पढ़ाई का आर्थिक दबाव कम होगा। अर्चना ने भी छात्रवृत्ति को आगे की पढ़ाई के लिए महत्वपूर्ण सहयोग बताया। विद्यार्थियों का कहना है कि आर्थिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई में आने वाली परेशानियां कम होंगी और वे अपने शैक्षणिक लक्ष्य पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे।कक्षा 12 के छात्र रणवीर वर्मा के लिए मुख्यमंत्री के हाथों छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना खास अनुभव रहा। रणवीर ने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते हैं। ऐसे में छात्रवृत्ति मिलने से परिवार पर पढ़ाई का आर्थिक बोझ कम होगा और उनकी शिक्षा जारी रखने में मदद मिलेगी। रणवीर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों प्रमाण पत्र मिलना उनके लिए गौरव का पल है और वह इस दिन को लंबे समय तक याद रखेंगे। हिमांशु वर्मा ने भी छात्रवृत्ति मिलने पर खुशी जताई और कहा कि सरकार की आर्थिक सहायता पढ़ाई जारी रखने और भविष्य के लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करती है।कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग वर्गों के विद्यार्थियों के खातों में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि भेजी गई। अन्य पिछड़ा वर्ग के 2,23,615 विद्यार्थियों के खातों में 60.01 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों को 64.54 करोड़ रुपये, सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों को 11.43 करोड़ रुपये और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों को 12.06 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई।छात्रों के मुताबिक, छात्रवृत्ति की यह राशि किताबों, फीस और दूसरी शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी। आर्थिक सहयोग मिलने से उनके लिए पढ़ाई जारी रखना और अपने भविष्य के सपनों की दिशा में आगे बढ़ना आसान होगा।