गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी ने नामांकन दाखिल करने के बाद शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को ले…

गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी ने नामांकन दाखिल करने के बाद शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सपा के समर्थन से उनका उत्साह और मनोबल बढ़ा है। उनका चुनावी अभियान पुरानी पेंशन, वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय, मदरसा शिक्षकों के भत्ते और सेवा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहेगा

डॉ. संजयन त्रिपाठी ने कहा कि लंबे समय से शिक्षक पुरानी पेंशन की बहाली की मांग उठा रहे हैं। विशेष रूप से 1 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाल करने का मुद्दा उनके चुनावी एजेंडे में प्रमुख रहेगा।उन्होंने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय दिलाना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उनका दावा है कि समाजवादी पार्टी ने अपने स्तर पर इन मुद्दों को लेकर प्रतिबद्धता जताई है

सपा प्रत्याशी ने मदरसा शिक्षकों से जुड़े विषयों को भी चुनावी मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि मदरसा शिक्षकों को मिलने वाले भत्तों की बहाली और सेवा सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को फिर से लागू कराने के लिए आवाज उठाई जाएगी।उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर वह शिक्षक मतदाताओं के बीच पहुंच रहे हैं और उनसे समर्थन की अपील कर रहे हैं

डॉ. संजयन त्रिपाठी ने दावा किया कि प्रत्याशी घोषित होने के बाद गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 17 जिलों में समाजवादी पार्टी का संगठन चुनाव को लेकर सक्रिय हो गया है। उन्होंने बताया कि जिलाध्यक्षों, पार्टी पदाधिकारियों, विधायकों, सांसदों और पूर्व जनप्रतिनिधियों को चुनावी अभियान में जिम्मेदारी दी जा रही है। उनके मुताबिक संगठन स्तर पर शिक्षक मतदाताओं तक पार्टी के मुद्दे पहुंचाने का काम किया जा रहा है

संजयन त्रिपाठी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का संगठन इस चुनाव को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने बताया कि 17 जिलों के पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की जा रही है। उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि संगठन की सक्रियता से चुनाव अभियान को मजबूती मिल रही है

संजयन त्रिपाठी ने कहा कि वह शिक्षक समाज की लंबे समय से चली आ रही मांगों को चुनाव के केंद्र में रखकर मतदाताओं के बीच जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षक मतदाताओं के समर्थन से चुनाव में जीत हासिल करने का भरोसा जताया।उन्होंने यह भी कहा कि यह चुनाव उनके लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौती है और इसे पार करते हुए आगे की रणनीति को मजबूत किया जाएगा