डीएम विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बब्लू कुमार ने नाव से किया निरीक्षण, 30 से अधिक नावें संचालित

लखनऊ। गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। शनिवार को जिलाधिकारी विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बब्लू कुमार ने तहसील बीकेटी के प्रभावित क्षेत्रों का नाव से स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली।

लासा, बहादुरपुर समेत कई इलाकों में जलभराव

गोमती नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण बीकेटी तहसील क्षेत्र के लासा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर, अकड़िया मऊ समेत आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा और सुविधा के लिए जिला प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य लगातार संचालित किए जा रहे हैं।

30 से अधिक नावें संचालित, 4 राहत शिविर स्थापित

प्रशासन के मुताबिक प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए 30 से अधिक नावों का संचालन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने जरूरत के अनुसार अतिरिक्त नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में 4 राहत शिविर एवं सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए हैं, जहां राजस्व, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी 24 घंटे तैनात हैं।

प्रभावित परिवारों को मिलेगा राशन और राहत किट

जिलाधिकारी ने राहत शिविरों और आपदा राहत सामग्री भंडारण केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आपूर्ति विभाग को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों को राशन का मैनुअल वितरण सुनिश्चित किया जाए।राहत शिविरों में रह रहे लोगों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, गांवों में रह रहे और बाढ़ के कारण आजीविका प्रभावित होने वाले परिवारों को राहत किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में ड्राई राशन किट का वितरण भी शुरू किया जाएगा। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए हरे चारे और भूसे की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और पशुपालन विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद रहकर पशुओं के उपचार के साथ-साथ चारे की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही हैं।

दवाओं और क्लोरीन टैबलेट का वितरण

स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित परिवारों को आवश्यक दवाओं की किट और क्लोरीन टैबलेट्स वितरित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

24 घंटे निगरानी, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए। सभी अधिकारी और कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्थिति की निगरानी करें और जरूरत पड़ने पर तत्काल अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराएं।जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं को सक्रिय रखा गया है।निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन, उप जिलाधिकारी बीकेटी, तहसीलदार बीकेटी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, आपूर्ति विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।