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6 खटीमा। उत्तराखंड की राजनीति में खटीमा विधानसभा सीट का अपना अलग महत्व है। यह वही सीट है, जहां 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के भुवन चंद्र कापड़ी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हराकर सबको चौंका दिया था। अब आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर इस सीट पर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सवाल है कि क्या कापड़ी दोबारा चुनावी मैदान में उतरकर अपनी जीत दोहरा पाएंगे या बीजेपी इस सीट पर वापसी की रणनीति बनाएगी?

खटीमा विधानसभा सीट उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों में शामिल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का इस क्षेत्र से पुराना राजनीतिक जुड़ाव रहा है। ऐसे में यहां का चुनाव केवल स्थानीय मुकाबले तक सीमित नहीं रहता, बल्कि राज्य की राजनीति में भी इसकी चर्चा होती है।

2022 के विधानसभा चुनाव में खटीमा सीट पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला था। कांग्रेस उम्मीदवार भुवन चंद्र कापड़ी को 48,177 वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार पुष्कर सिंह धामी को 41,598 वोट हासिल हुए। कापड़ी ने धामी को 6,579 वोटों के अंतर से हराया था।

इस नतीजे ने खटीमा को राज्य की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल कर दिया। चुनाव में मुख्यमंत्री चेहरे की मौजूदगी के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार की जीत ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी थी।

आगामी विधानसभा चुनाव में खटीमा सीट पर बीजेपी और कांग्रेस की रणनीति पर नजर रहेगी। बीजेपी के लिए इस क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा, जबकि कांग्रेस के सामने पिछले चुनाव के प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती होगी।

हालांकि, 2027 में दोनों दलों की ओर से उम्मीदवार कौन होंगे, इसे लेकर अंतिम तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए भुवन चंद्र कापड़ी और पुष्कर सिंह धामी के बीच फिर सीधा मुकाबला होगा या नहीं, यह आने वाले समय में ही साफ होगा।

खटीमा में चुनावी बहस के दौरान स्थानीय विकास, सड़क, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा, रोजगार और किसानों से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण रह सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याएं, युवाओं की अपेक्षाएं और स्थानीय संगठनों की सक्रियता भी चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती हैं।

मतदाताओं के लिए उम्मीदवारों का पिछला प्रदर्शन, क्षेत्र में उपलब्ध सुविधाएं और भविष्य की विकास योजनाएं अहम विषय होंगे। वहीं, राजनीतिक दलों के लिए स्थानीय मुद्दों को लेकर अपना पक्ष और कार्यक्रम जनता के सामने रखना महत्वपूर्ण रहेगा।

2027 के विधानसभा चुनाव में खटीमा का मुकाबला कई सवालों को फिर चर्चा में ला सकता है। क्या भुवन चंद्र कापड़ी दोबारा चुनाव लड़ेंगे? क्या बीजेपी 2022 के नतीजे के बाद अपनी रणनीति में बदलाव करेगी? और क्या पुष्कर सिंह धामी की राजनीतिक भूमिका इस सीट की चुनावी चर्चा को फिर प्रमुखता देगी?

इन सवालों के जवाब उम्मीदवारों की घोषणा, चुनावी मुद्दों और राजनीतिक दलों की रणनीति सामने आने के बाद ही मिलेंगे। फिलहाल इतना तय है कि 2022 के नतीजे के कारण खटीमा उत्तराखंड की उन विधानसभा सीटों में शामिल है, जिन पर 2027 के चुनाव से पहले भी राजनीतिक नजर बनी रहेगी।

रश्मि सिंह एक अनुभवी पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें हिंदी पत्रकारिता, न्यूज़ रिपोर्टिंग और डिजिटल मीडिया का व्यापक अनुभव है। उन्होंने मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है और अपने पत्रकारिता करियर में कई बड़े मीडिया संस्थानों और न्यूज़ चैनलों के साथ काम किया है।राजनीति, जनसरोकार, उत्तर प्रदेश की सियासत और समसामयिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ है। खबरों को सरल, तथ्यपरक और पाठकों के लिए रोचक अंदाज में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है। डिजिटल पत्रकारिता के बदलते दौर में रश्मि सिंह का प्रयास है कि पाठकों तक तेज, विश्वसनीय और आसान भाषा में तथ्य आधारित खबरें पहुंचें।

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