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इंदौर, उज्जैन और भोपाल को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जायेगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

🕐 29 Oct 2026, 01:10 am• 4 min padho • Chugal Khor News
इंदौर, उज्जैन और भोपाल को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जायेगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शहरों को आधुनिक, निवेश के अनुकूल, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और नागरिक केन्द्रित बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इंदौर, उज्जैन और भोपाल को महानगर के रूप में विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है। राज्य ने 2047 तक क्षेत्र में लगभग 20 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने, 12 से 15 नई टाउनशिप विकसित करने और 25,000 से 30,000 एकड़ में नियोजित शहरी विकास करने का लक्ष्य रखा है। इंदौर फ्यूचर सिटी में लगभग 5,000 एकड़ में आवास, औद्योगिक और रोजगारोन्मुखी विकास होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को इंदौर में अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 को संबोधित किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहर केवल आवासीय केन्द्र ही नहीं बल्कि उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार के प्रमुख केन्द्र भी हैं। शहरी विकास आधुनिक बुनियादी ढांचे, जल सुरक्षा, किफायती आवास और जीवन की बेहतर गुणवत्ता को एकीकृत करके भविष्य की जरूरतों के अनुरूप होगा। कॉन्क्लेव ने निवेशकों के साथ शहरी विकास और बुनियादी ढांचे में निवेश के अवसरों पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान किया। इन चर्चाओं से राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अब तक लगभग 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतर चुका है। राज्य सरकार औद्योगिक गलियारों, सड़क नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, नवीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन और आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सेमीकंडक्टर सहित उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश विकसित भारत @2047 के सपने को साकार करने के लिए निवेश, उद्योग, तकनीकी उन्नति और रोजगार सृजन में निरंतर प्रगति कर रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण और उपचारित अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग को बढ़ावा देने के लिए उपचारित अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग नीति-2026 का मसौदा जारी किया, साथ ही किफायती आवास तक पहुंच बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश शहरी किफायती आवास और पर्यावास नीति-2026 भी जारी की। राज्य ने 2037 तक 50 प्रतिशत उपचारित अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग करने का लक्ष्य रखा है। शहरी चुनौती निधि के तहत ₹2,013 करोड़ की शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्तीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। विभिन्न समझौता ज्ञापन औद्योगिक अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और शहरी विकास में तकनीकी सहयोग को और बढ़ावा देंगे

नीति आयोग द्वारा तैयार इंदौर आर्थिक क्षेत्र (आईईआर) रिपोर्ट 2047 तक मालवा-निमाड़ क्षेत्र के आठ जिलों के आर्थिक विकास का रोडमैप प्रस्तुत करती है। इसमें उद्योग, कृषि, पर्यटन और रोजगार से संबंधित 60 से अधिक परियोजनाओं का प्रस्ताव है। इस अवसर पर भोपाल एवं इंदौर नगर निगम की सतत विकास रिपोर्ट के साथ-साथ मध्य प्रदेश एकीकृत भूमि विकास एवं भवन प्रोत्साहन नियम-2026 का प्रारूप भी जन-परामर्श हेतु प्रस्तुत किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में श्री महाकाल महालोक के विकास से धार्मिक पर्यटन का विस्तार हुआ है। प्रतिवर्ष लगभग सात करोड़ लोगों के उज्जैन आने से, आतिथ्य, परिवहन, व्यापार, रोजगार और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में आर्थिक अवसर बढ़ गए हैं। उन्होंने इंदौर-अबूधाबी उड़ान सेवा का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सहयोग दे रही है। सड़क नेटवर्क और औद्योगिक गलियारों के विस्तार से क्षेत्रीय आर्थिक विकास में भी तेजी आएगी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण परिवारों के लिए संपत्ति के स्वामित्व दस्तावेजों के नि:शुल्क पंजीकरण की सुविधा दे रही है। उन्होंने निवेशकों, उद्योगपतियों और रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रतिनिधियों से मध्य प्रदेश की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योग, व्यापार, आवास और आधुनिक शहरी विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन पहलों से राज्य में निवेश, रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे मध्य प्रदेश 2047 तक विकसित भारत की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव में अर्बन इनोवेशन गैलरी का दौरा किया और राज्य की प्रमुख शहरी परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने आवास, आधुनिक बुनियादी ढांचे, शिक्षा, एआई सिटी, धार्मिक पर्यटन, स्वच्छ ऊर्जा और अपशिष्ट प्रबंधन में निवेश के अवसर तलाशे। उन्होंने 6डी वर्चुअल रियलिटी तकनीक के माध्यम से महाकाल भस्म आरती का भी अनुभव लिया

कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश में चल रहे शहरी परिवर्तन को प्रदर्शित करने वाली एक विशेष फिल्म दिखाई गई। इसमें आधुनिक परिवहन, डिजिटल प्रशासन, आवास, शहरी बुनियादी ढांचे और प्रमुख विकास परियोजनाओं के साथ-साथ सिंहस्थ-2028 और वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन-2027 के मद्देनजर निवेश के अवसरों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला गया।

स्रोत: Maverick News30

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