दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रवक्ता कंचना यादव ने बीजेपी सर…
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रवक्ता कंचना यादव ने बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि आंदोलन को रोकने के लिए दिल्ली में इंटरनेट, मेट्रो और रेल सेवाओं को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो जारी कर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए, कंचना यादव ने अपने एक्स पोस्ट में दावा किया, “कल पूरी दिल्ली में इंटरनेट बंद कर रही है बीजेपी सरकार…” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए इस तरह के कदम उठा रही है हालांकि, दिल्ली में पूरे शहर में इंटरनेट बंद किए जाने के उनके दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
RJD प्रवक्ता कंचना यादव ने अपने वीडियो बयान में कहा कि आंदोलन से पहले यह संदेश देशभर में पहुंचना चाहिए कि दिल्ली में किस तरह का रवैया अपनाया जा रहा है, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले विरोध-प्रदर्शन को रोकना चाहती है, कंचना यादव ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई होने पर सरकार में बैठे दूसरे लोगों पर भी असर पड़ सकता है, इसी संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए उनके खिलाफ भी राजनीतिक आरोप लगाए। ये बयान उनके आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कंचना यादव ने अपने बयान में दावा किया कि दिल्ली में इंटरनेट सेवाएं बंद करने की तैयारी है, मेट्रो सेवाएं प्रभावित हैं और कई ट्रेनों को रोका या रद्द किया जा रहा है, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई गई है और कई जगह हिरासत में रखने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं, RJD नेता ने कहा कि इन कदमों से आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो सकती है, उन्होंने वर्क फ्रॉम होम करने वाले कर्मचारियों और इंटरनेट पर निर्भर कामकाज का जिक्र करते हुए सरकार की कथित कार्रवाई पर सवाल उठाए।
कल पूरी दिल्ली में इंटरनेट बंद कर रही है बीजेपी सरकार। क्योंकि उसे मालूम है कि ज्ञानेश जेल जाएंगे तो मोदी भी जाएंगे और अमित शाह भी जाएंगे। pic.twitter.com/CJTNvfNItu
हालांकि, इंटरनेट बंदी, ट्रेन रद्द होने और अन्य पाबंदियों की वास्तविक स्थिति की पुष्टि संबंधित प्रशासनिक आदेशों और आधिकारिक सूचनाओं से की जानी जरूरी है।
कंचना यादव ने आरोप लगाया कि आंदोलन से पहले दिल्ली में बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है उनके मुताबिक, इससे राजधानी में आम लोगों की आवाजाही और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है, उन्होंने सरकार की कार्रवाई को लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार से जोड़ते हुए कहा कि आंदोलनकारियों की आवाज को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए दूसरी ओर, कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं के बीच संतुलन इस मामले का अहम पहलू है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित आंदोलन में कई संगठनों और राजनीतिक दलों के शामिल होने का आह्वान किया गया है, प्रदर्शन से जुड़े लोगों की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर है। वे चुनाव प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के आरोप भी उठा रहे हैं, इस मुद्दे पर विपक्षी नेताओं के बयान लगातार सामने आ रहे हैं, अब RJD प्रवक्ता कंचना यादव के आरोपों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
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कंचना यादव के बयान के बाद अब इंटरनेट सेवाओं, मेट्रो संचालन, रेल यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण हो गई है। इंटरनेट बंदी जैसे दावों की पुष्टि के लिए प्रशासन की अधिसूचना और संबंधित सेवाओं की आधिकारिक अपडेट देखना जरूरी है।
फिलहाल, जंतर-मंतर पर प्रस्तावित आंदोलन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, आने वाले समय में प्रशासन और संबंधित पक्षों की ओर से सामने आने वाली जानकारी से स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।






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