अयोध्या में विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया सूर्योदय: CM योगी, 10वें दीपोत्सव को लेकर साझा किया संदेश -

CM Yogi Calls Ayodhya's Transformation a New Dawn of Development and Cultural Revival Ahead of Deepotsav 2026.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव-2026 को लेकर प्रदेशवासियों के साथ अपने भाव और उत्साह साझा किए। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्री अयोध्या धाम अपने 10वें भव्य-दिव्य दीपोत्सव के स्वागत में पुलकित है। उन्होंने दीपोत्सव को रामनगरी के पुनर्वैभव, सनातन संस्कृति के गौरव और प्रभु श्रीराम के प्रति अगाध श्रद्धा की अभिव्यक्ति बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि दीपोत्सव के दौरान सरयू तट पर लाखों दीपों की अलौकिक आभा, रामायण के प्रसंगों को जीवंत करती झांकियां, भव्य शोभायात्राएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां त्रेतायुग की स्मृतियों को फिर से जीवंत करेंगी।
उन्होंने कहा कि दीपोत्सव का प्रत्येक दीप प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा का प्रतीक होगा, जबकि हर लौ सनातन संस्कृति के गौरव का उद्घोष करेगी।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस समय प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या उपेक्षा, अव्यवस्था और बदहाली का सामना कर रही थी। उन्होंने रामभक्तों पर गोली चलवाने और श्री हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने से जुड़ी राजनीतिक आलोचना भी अपने पोस्ट में की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रभु श्रीराम की कृपा से अयोध्या में विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया सूर्योदय हुआ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से रामनगरी अपने प्राचीन वैभव को पुनः प्राप्त कर रही है। उन्होंने भव्य श्रीराम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, सुसज्जित रामपथ, नव्य घाटों और आधुनिक सुविधाओं का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के सोलर सिटी के रूप में विकसित होने की प्रक्रिया को भी आस्था और आधुनिकता के संगम का उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि वर्ष 2017 में 1.71 लाख दीपों से शुरू हुई दीपोत्सव की यात्रा आज देश-दुनिया के करोड़ों रामभक्तों की श्रद्धा और उत्साह का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी रामभक्त दीप प्रज्ज्वलन का विश्व कीर्तिमान बनाने के लिए तैयार हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, दीपोत्सव उन पीढ़ियों के सपनों का उजास है, जिन्होंने अयोध्या को उसके त्रेतायुगीन स्वरूप में देखने की अभिलाषा संजोए रखी। उन्होंने दीपोत्सव को आस्था, सांस्कृतिक स्वाभिमान और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प से भी जोड़ा।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने “जय जय श्री राम” लिखकर प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
स्रोत: Filmitics
