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अमित शाह ने हरियाणा के अंबाला में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शहीद स्मारक का उद्घाटन किया

🕐 06 Nov 2026, 05:40 am• 5 min padho • Chugal Khor News
अमित शाह ने हरियाणा के अंबाला में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शहीद स्मारक का उद्घाटन किया

केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज अंबाला, हरियाणा में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शहीद स्मारक का उद्घाटन किया

केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज हरियाणा के अंबाला में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शहीद स्मारक का उद्घाटन किया। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे

इस अवसर पर अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि इसी धरती पर 10 मई 1857 को क्रांतिकारी वीरों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र क्रांति का बिगुल फूंका था और यहीं से वह क्रांति आग की तरह फैली थी, जिससे पूरा विश्व आश्चर्यचकित हो गया था. ब्रिटिश प्रेरित वामपंथी विचारधारा के इतिहासकारों ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम को मात्र विद्रोह की संज्ञा दी। यह भले ही अंग्रेजों के लिए विद्रोह था, लेकिन वीर सावरकर ने कहा था कि 1857 की क्रांति भारत माता की संतानों के लिए विद्रोह नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम था। यह 1857 की क्रांति ही थी जिसने हिमालय से कन्याकुमारी और गंगासागर से सोमनाथ तक फैले इस विशाल देश के प्रत्येक नागरिक के हृदय में स्वतंत्रता की ज्वाला प्रज्वलित की।

श्री अमित शाह ने कहा कि 1857 से 1947 तक 90 वर्षों के इस महान संघर्ष में अनगिनत शहीदों ने अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया, तब जाकर हमें वर्तमान भारत और भारत माता के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन शहीदों के बलिदान की बुनियाद पर आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम विकसित भारत की कल्पना कर सकते हैं। उन शहीदों के बलिदान के आधार पर और 80 वर्षों तक लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करते हुए, हम पूरी दुनिया के सामने सम्मान के साथ खड़े हैं। 1857 की क्रांति के योद्धाओं - नाना साहेब पेशवा, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, बेगम हजरत महल और कई अन्य सेनानियों ने अपनी वीरता प्रदर्शित की और सर्वोच्च बलिदान दिया

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कोई भी देश अपनी आजादी का मूल्य तब तक नहीं समझता जब तक वह उन शहीदों का महिमामंडन नहीं करता जिन्होंने इसके लिए अपना खून बहाया। जो देश इतिहास के रक्तरंजित पन्नों को पुनः स्वर्ण अक्षरों में नहीं लिखता वह कभी प्रगति नहीं कर सकता। अंबाला में आज बना यह शहीद स्मारक हमारी आने वाली पीढ़ी के युवाओं और किशोरों के लिए असीम देशभक्ति की प्रेरणा का स्रोत बनेगा

श्री अमित शाह ने कहा कि कभी इसी पवित्र भूमि पर सरस्वती बहती थी और यहीं से - गंगा-यमुना दोआब तक फैले क्षेत्र में - वेदों और उपनिषदों की रचना हुई थी। इसी भूमि पर भगवान श्री कृष्ण ने गीता का पाठ किया था। इस वीर भूमि पर महाराजा अग्रसेन ने प्रशासन का भारतीय मॉडल दिया। इसी वीर भूमि पर राजा नाहर सिंह और राव तुलाराम ने आजादी की लड़ाई लड़ी और उसी परंपरा को जारी रखते हुए आज हरियाणा जैसा छोटा राज्य सेना में सबसे ज्यादा सैनिकों का योगदान देता है। भारत की खेल पदक तालिकाओं में, हरियाणा लगातार नंबर एक स्थान पर है। जब देश को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत थी, तब हरियाणा के किसानों ने देश का अन्न भंडार भरा। श्वेत क्रांति में भी हरियाणा का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है

केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज हरियाणा की धरती पर 22 एकड़ में 594 करोड़ की लागत से 1857 की क्रांति का भव्य स्मारक बनाया गया है, जिसमें 22 गैलरी हैं। श्री शाह ने कहा कि यह स्मारक आभासी वास्तविकता, होलोग्राफी और इंटरैक्टिव प्रक्षेपण जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग करके ऐतिहासिक दस्तावेजों और हरियाणा के विविध कला रूपों को एक साथ जोड़ने के एक उल्लेखनीय प्रयास का प्रतिनिधित्व करता है। फुलकारी और सरकंडा शिल्प कौशल, 2,500 लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक ओपन-एयर थिएटर और एक लाइट-एंड-साउंड शो के साथ, स्मारक को आगंतुकों को 1857 की याद दिलाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह स्मारक एक जीवंत स्थान बन गया है जो 1857 की क्रांति के गौरव, बलिदान और सम्मान पर गर्व और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना को जागृत करता है। पूरे देश के युवाओं से अपील है कि जिन लोगों की वजह से हम आज इस मुकाम पर हैं, उन्हें समझने के लिए कृपया अंबाला में इस स्मारक पर जाएं और शहीदों को श्रद्धांजलि भी दें।

श्री अमित शाह ने कहा कि आज 1260 करोड़ रुपये की लागत से बने राष्ट्रीय राजमार्ग का भी उद्घाटन किया गया है और इस राजमार्ग के माध्यम से हरियाणा उत्कृष्ट कनेक्टिविटी वाला राज्य बन जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने हरियाणा में आमूल-चूल परिवर्तन किया है। हर घर में गैस सिलेंडर पहुंचाने के साथ ही हरियाणा देश का पहला धुआं मुक्त राज्य बन गया। हरियाणा भारत का एकमात्र राज्य है जो एमएसपी पर 24 फसलों की खरीद करता है। यह नए आपराधिक कोड लागू करने और सजा दर में 40% की वृद्धि करने वाला पहला राज्य बन गया। हरियाणा हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला पहला राज्य बन गया। देश का पहला एलिवेटेड रेलवे ट्रैक भी हरियाणा में शुरू किया गया था। हरियाणा अंत्योदय परिवार परिवहन योजना (हैप्पी) के तहत गरीब परिवारों को 1,000 किलोमीटर की मुफ्त यात्रा प्रदान करने की पहल भी हरियाणा में लागू की गई। देश का सबसे बड़ा ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड हरियाणा में स्थापित किया गया। पूर्ण साक्षर पंचायतें बनाने की प्रथा भी हरियाणा में शुरू की गई थी। हरियाणा में ऑनलाइन ट्रांसफर नीति बनाई गई और हमारी सरकार ने प्रदेश से ट्रांसफर उद्योग को पूरी तरह खत्म कर दिया। पूरे देश में हरियाणा ही एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां के गांवों में अब कोई 'लाल डोरा' नहीं है। हरियाणा एनीमिया मुक्त राज्य बन गया है, देश का पहला आयुष स्कूल यहां स्थापित किया गया, यह 'परिवार पहचान पत्र' जारी करने वाला पहला राज्य बन गया, और भावांतर योजना के माध्यम से बागवानी फसलों के किसानों के साथ खड़ा होने वाला भी यह पहला राज्य है। मनरेगा के तहत सबसे अधिक मजदूरी भी हरियाणा देता है। पिछले 60 वर्षों में हरियाणा ने उल्लेखनीय प्रगति की है। नशा मुक्त हरियाणा के लिए प्रदेश ने भी कमर कस ली है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा को प्राथमिकता दी है

स्रोत: Maverick News30

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