अमित शाह ने गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह 2026 को संबोधित किया

केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आयोजित 'शताब्दी समारोह 2026' को संबोधित किया। अखिल विश्व गायत्री परिवार की परम वंदनीया माताजी के जन्म और अखंड ज्योति के प्रकटीकरण के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'शताब्दी समारोह 2026' का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री दुर्गादास उइके, गायत्री परिवार के दलनायक डॉ. चिन्मय पण्ड्या सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज का दिन आस्था, सेवा और संकल्प का दिन है। हम परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के प्रति श्रद्धा के साथ, गायत्री परिवार की मूल भावना के अनुरूप सेवा करने और महर्षि अरबिंदो और स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत बनाने के संकल्प के साथ यहां एकत्र हुए हैं। श्री शाह ने कहा कि अखंड ज्योति के प्राकट्य के 100 वर्ष, वंदनीया माताजी के जन्म के 100 वर्ष और पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना के 100 वर्ष - इन तीन पवित्र धाराओं का संगम इस वर्ष हो रहा है। उन्होंने कहा कि 100 नंबर को संपूर्णता का प्रतीक माना जाता है। यह वर्ष एक प्रकार से भारतीय संस्कृति और भारतीय आध्यात्मिक यात्रा की संपूर्णता का भी वर्ष है
श्री अमित शाह ने कहा कि पूज्य माताजी ने स्वयं तपस्या की और दूसरों को मार्ग दिखाया। 100 साल पहले जलाई गई लौ आज 100 से अधिक देशों और 15 करोड़ से अधिक परिवारों के अनगिनत लोगों के कल्याण का प्रतीक बन गई है।
गृह मंत्री ने कहा कि इस जनवरी में हरिद्वार में आयोजित चार दिवसीय सम्मेलन में पूरे गायत्री परिवार ने एकजुट होकर इस ज्योति के संकल्प के साथ अपनी पहचान बनाई थी। आज उसी यात्रा के अगले चरण में दो महत्वपूर्ण घटनाएँ घट रही हैं। पहला है 'दीप महायज्ञ', जो त्याग, सहयोग और समर्पण का प्रतीक है। जलने वाला हर दीपक एक संकल्प है कि हम अपनी शक्ति का उपयोग समाज, अध्यात्म और राष्ट्र के लिए करेंगे
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि अपने अनुभव के आधार पर उनका मानना है कि गायत्री मंत्र संपूर्ण परिवर्तन का मार्ग है। यह केवल एक धार्मिक या आध्यात्मिक अनुष्ठान नहीं है। मंत्र में निहित सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करने और मन, शरीर और आत्मा को इसे महसूस करने में सक्षम बनाने से, यह हमारे भीतर के 'सत्त्व' (सार) को पूर्ण रूप से बाहर लाने का एक महान मार्ग बन जाता है। श्री शाह ने कहा कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षर हमारी 24 शुभ गांठों से सीधे जुड़े हुए हैं। गायत्री मंत्र के 24 अक्षरों को आधार मानकर और अपने गुरु से उसके शुद्ध उच्चारण का संस्कार प्राप्त करके, यदि हम 24 शुभ शक्तियों को जागृत करते हैं, तो हमारे भीतर पड़ी अशुभ शक्तियाँ वश में हो जाती हैं और शुभ शक्तियों का उदय होता है। उन्होंने कहा कि ये 24 शुभ शक्तियां 24 प्रकार के गुणों से जुड़ी हैं, जिनमें दूरदर्शिता, संयम, तपस्या, साहस, विवेक, बुद्धि, सुरक्षा, उत्पादन, सेवा, जीवन शक्ति, प्रेम, वीरता, एकाग्रता और अन्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति में ये 24 शुभ गुण उत्पन्न हो जाते हैं, तो मोक्ष का मार्ग अपने आप खुल जाता है और भगवान उसे उस दिशा में ले जाते हैं।
श्री अमित शाह ने कहा कि पंडित जी ने गायत्री मंत्र को जन-जन तक पहुंचाकर जो गहन सेवा की, वह भारत के अनेक ऋषि-मुनियों, साधकों और युग-निर्माताओं द्वारा भारतीय संस्कृति, हमारी आध्यात्मिक चेतना और विश्व के 'सत्व' के प्रति दिया गया योगदान जितना ही गहरा है। उन्होंने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य हमारे अध्यात्म के चिकित्सक हैं। उनके अनुसार गायत्री मंत्र के जाप से 24 प्रकार की शुभ शक्तियां जागृत होती हैं। जब कोई नाभि से मुंह तक इसका सही उच्चारण करता है, तो ये 24 ग्रंथियां सक्रिय हो जाती हैं और उनसे निकलने वाले आंतरिक स्राव से 24 शुभ शक्तियां विकसित होती हैं।
गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि गायत्री मंत्र से अनेक युवा लाभान्वित हुए हैं। उनकी सकारात्मक सोच, साहस और स्मरण शक्ति बढ़ी है, व्याख्या करने की क्षमता तेज़ हुई है और निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने इन शिक्षाओं को 15 करोड़ परिवारों तक पहुंचाया और दुनिया भर में 15 करोड़ परिवार कोई छोटी संख्या नहीं है। उन्होंने गायत्री मंत्र के प्रति आस्था पैदा करके और इसके शुद्ध उच्चारण की परंपरा स्थापित करके न केवल व्यक्तियों के जीवन का उत्थान किया, बल्कि अगले सौ वर्षों के लिए भारतीय आध्यात्मिकता और आध्यात्मिक शक्ति को एक नया जीवन भी दिया। उन्होंने कहा कि हमें इस दिव्य संस्कृति के दिग्विजय (सभी दिशाओं में विजय) के आह्वान को दोहराते रहना चाहिए, इसका प्रसार करना चाहिए और इसे युवा पीढ़ी तक ले जाना चाहिए।
श्री अमित शाह ने कहा कि गायत्री परिवार के माध्यम से एक आंदोलन खड़ा हो रहा है और इसे आगे बढ़ाना हम सभी का पवित्र कर्तव्य है। यह कर्तव्य संपूर्ण विश्व की शुभ शक्तियों को एकत्रित करना और विश्व को धर्म के मार्ग पर चलाना है। हमें यह कार्य अपने जीवन के अंतिम क्षण तक जारी रखना चाहिए
स्रोत: Maverick News30
